अलीगढ़/ नई दिल्ली.
दुनिया की मानीं जानी वाली अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) की स्थापना को आज 100 साल पूरे हो गए हैं. 100 साल पहले अर्थात दिसंबर 1920 में तत्कालीन कुलपति मोहम्मद अली मोहम्मद खान राजा साहब ने औपचारिक रूप से एएमयू AMU की शुरुआत की थी. प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने एएमयू के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि AMU का इतिहास हमारी अमूल्य धरोहर है.
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर कहा कि समाज में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन जब बात राष्ट्र और राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति की हो, तो में हर मतभेद किनारे रख देना चाहिए. जब आप सभी युवा साथी इस सोच के साथ आगे बढ़ेंगे तो ऐसी कोई मंजिल नहीं, जो हमें हासिल न हो सकें. आज पूरी दुनिया की नजर भारत पर है. पिछली शतब्दी में मतभेदों के नाम पर बहुत समय पहले ही व्यर्थ हो चुका है. अब और समय नहीं गंवाना है, सभी को एक लक्ष्य के साथ मिलकर नया भारत, आत्मनिर्भर भारत बनाना है.
वैचारिक मतभेद होते हैं लेकिन राष्ट्र पहले’ – पीएम मोदी
करीमा बलूच मोदी को मानती थी भाई, की थी बलूचिस्तान की आवाज बनने की गुजारिश
करीमा बलूच ने साल 2016 में रक्षा बंधन के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बलूचिस्तान का साथ देने की मांग की थी. करीमा कहा था कि नरेंद्र मोदी जी रक्षा बंधन के मौके पर बलूचिस्तान की एक बहन आपको भाई मानकर कुछ कहना चाहती है.
करीमा बलूच (फाइल फोटो) (साभार: ट्विटर)
टोरंटो: पाकिस्तान में बलूचिस्तान के लोगों पर हो रहे पाकिस्तान आर्मी के अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाने वालीं बलूच नेता करीमा बलूच सोमवार को कनाडा में मृत अवस्था में पाई गईं. वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना भाई मानती थीं. करीमा ने एक बार पीएम मोदी से बलूचिस्तान की आवाज बनने की गुहार भी लगाई थी. जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

बता दें कि करीमा बलूच रविवार से ही लापता हो गई थीं. बाद में सोमवार को कनाडा पुलिस ने उनकी डेडबॉडी को बरामद किया. करीमा बलूच की हत्या का शक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई पर है. हालांकि, अभी ये साफ नहीं हो पाया है कि करीमा किसी हादसे का शिकार हुई हैं या उनकी हत्या की गई है.
वैचारिक मतभेद हों, लेकिन उन्हें किनारे रख हमें नया भारत,आत्मनिर्भर भारत बनाना है – नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के शताब्दी समारोह में शामिल हुए.वे वर्चुअली इस कार्यक्रम में जुड़े. इस दौरान उनके साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी मौजूद रहे. इस मौके पर पीएम मोदी ने यूनिवर्सिटी के 100 साल पूरे होने पर डाक टिकट भी जारी किया. मोदी ने कहा कि अलीगढ़ यूनिवर्सिटी के कैम्पस में एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना मजबूत रहे. हम किस मजहब में पले, इससे बड़ी बात यह कि हमारी आकांक्षाएं देश से कैसे जुड़ें.
