WJI कोरोना काल में दिवंगत हुये पत्रकारों के आश्रितों के बारे में की गई सीएम घोषणा की वादा खिलाफी पर धामी को याद दिलायेगी

WJI किसी राजनैतिक दल का संगठन नहीं : संजय उपाध्याय

पुष्कर सरकार के मंत्रियों और जिलाधिकारियों को भी ज्ञापन सौंपेगी WJI

देहरादून। गत दिवस भारतीय मजदूर संघ से सम्बद्ध वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया (डब्ल्यूजेआई) उत्तराखंड प्रांत की प्रदेश कार्यसमिति बैठक गूगल मीट के माध्यम से आयोजित की गई।

बैठक पत्रकारों की समस्याओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर केंद्रित रही। डब्ल्यूजेआई ने कोरोना काल में दिवंगत हुए पत्रकारों के आश्रितों को तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा और नोटीफिकेशन के बावजूद भी सरकारी नौकरी दिए जाने का वादा पूरा न किए जाने पर उत्तराखंड सरकार की कड़े शब्दों में निन्दा की है।

र्वचुअल मीटिंग में बक्ताओं ने तत्कालीन मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कोरोना की चपेट में आकर जान गंवाने वाले पत्रकारों के आश्रितों को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की थी। वे अब पद पर नहीं हैं तो वर्तमान सीएम पुष्कर धामी को मुख्यमंत्री पद की गरिमा को दृष्टिगत रखते हुये घोषणा पूरी करवानी चाहिए।

प्रदेश अध्यक्ष सुनील गुप्ता एवं महामंत्री शैलेन्द्र नेगी ने कहा डब्ल्यूजेआई पत्रकारों के साथ सरकार की वादाखिलाफी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। कोरोना काल में दिवंगत हुए पत्रकारों के आश्रितों को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी को ज्ञापन दिया जाएगा और शासन की इस दिशा में की जा रही उदासीनता पर ध्यान दिलाया जायेगा।

मीटिंग में केंद्र सरकार द्वारा श्रम कानूनों में किए गये पक्षपाती संशोधनों को पत्रकारों और मीडिया कर्मियों के खिलाफ बताया है। इसी प्रकार ईपीएफ खाताधारकों के मूल वेतन या कुल वेतन के हिसाब से टोकहोम वेतन में कटौती की योजना का भी विरोध किया है।

इसके अलावा कोरोना में संस्थानों से निकाले गए एवं वेतन कटौती की मार झेल रहे पत्रकारों को 10 -10 हजार रुपये राहत राशि देने की मांग और स्वास्थ्य कर्मियों, पुलिस कर्मियों, सफाई कर्मचारियों की तरह पत्रकारों को भी फ्रंटलाईन कोरोना वॉरियर घोषित करते हुए बीमा का लाभ दिए जाने की मांग की गई है।

प्रदेश अध्यक्ष सुनील गुप्ता ने कुमायूँ मण्डल के पदाधिकारियों और सदस्यों के प्रयासों और अच्छे पकारों को संगठन से जोड़ने की सराहना की और संगठन के सभी सदस्यों से “एक ब्यक्ति – एक सदस्य” बनाने के साथ सदस्यता अभियान को तेज करने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी विश्वास दिलाया कि पत्रकारों के हित व उनकी समस्याओं के लिए सदैव तत्पर हैं।

मीटिंग में राष्ट्रीय अध्यक्ष अनूप चौधरी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय उपाध्याय और राष्ट्रीय महामंत्री नरेन्द्र भण्डारी ने भी शिरकत की। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय उपाध्याय ने डब्ल्यूजेआई के बारे में कुछ लोंगो द्वारा फैलाये जा रहे इस भ्रम को कि WJI और BMS भाजपा के ही संगठन हैं को साफ नकारते हुये स्पष्ट किया कि यही एक ऐसा संगठन है जो सरकार की गलत नीतियों और कार्यकलापों तथा श्रमिक हितों के लिए एक ट्रेड यूनियन के रूप में सड़क पर उतर कर विरोध करती है। पत्रकार पहले पत्रकार है वह किसी राजनैतिक दल से न ही सम्बद्ध होता है और न है। WJI ही एकमात्र राष्ट्र व्यापी ऐसा संगठन है जो सदैव पत्रकारों और मिडिया कर्मियों के हित के लिए संघर्षरत रहता है। WJI के ही संघर्ष की देन है कि केन्द्र सरकार को डिजिटल मीडिया के बारे में कदम उठाना पडा़। राष्ट्रीय महामंत्री नरेन्द्र भण्डारी ने न्यूज पोर्टल व आनलाईन, समाचार पत्रों के सम्बंध में भी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा अपनाई जा रही गतिविधियों पर चर्चा की।

इस एक घंटे की वर्चुअल मीटिंग का बडे़ ही सुन्दर ढंग से संचालन प्रदेश महामंत्री शैलेन्द्र नेगी ने किया तथा प्रदेश मंत्री सुमित जोशी सहित नवीन दत्त बगोली, रवि दुर्गापाल, प्रमोद डालाकोटि, राहुल दरम्वाल आदि ने अपने अपने विचार रखे। प्रदेश अध्यक्ष सुनील गुप्ता ने राष्ट्रीय पदाधिकारियों सहित सभी सहभागियों का आभार ब्यक्त करते हुये यह भी घोषणा की मीडिया एंथम को शीघ्र ही प्रदेश में लांच किया जायेगा और उन सभी पत्रकारों और मीडिया कर्मियों व समाचार पत्रों एवं मिडिया हाऊस को सम्मानित किया जायेगा जिन्होंने कोविड – 19 में सराहनीय भूमिका निभाई है। मीटिंग के अंत में कोरोना काल में दिवंगत हुये पत्रकारों को मौन रख कर श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। मीटिंग में  लगभग दो दर्जन से अधिक पत्रकार साथियों ने भाग लिया।

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