देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में लोक निर्माण विभाग (लोनिवि), राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के प्रदेश में निर्माणाधीन और प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की और उन्होंने मानस खण्ड कोरिडोर को राज्य सरकार का फ्लैगशिप कार्यक्रम बताते हुए इसमें प्रस्तावित कामों में तेजी लाने के निर्देश दिये।
धामी ने कहा कि बजरंग सेतु को तय समय सीमा दिसम्बर 2022 तक पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए। जो भी निर्णय लेने हैं, उन पर बैठक में अंतिम रूप से तय कर लिया जाए। बैठको का आउटपुट दिखना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जितने भी पुल और फ्लाईओवर हैं, वहां गति सीमा के बोर्ड लगाए जाएं। वहां ड्रैनेज की पूरी व्यवस्था हो। दुर्घटनाओं की दृष्टि से प्रदेश में डार्क स्पाॅट का सर्वेक्षण कर जरूरी कदम उठाए जाएं। चारधाम यात्रा मार्ग और अन्य मार्गों पर सुरक्षा मानकों के अनुरूप क्रेश बैरियर में कुछ प्रगति हुई है, इसमें और तेजी लाई जाए। सड़कों के पैच वर्क का काम शीघ्रता से किया जाए। उन्होंने कहा कि भूस्खलन क्षेत्र के ट्रीटमेंट प्लान पर गम्भीरता से काम किया जाए। जहां सम्भव हो, आपदा प्रबंधन के शमनकोष से प्रस्ताव बनाये जाए। वर्षाकालीन में मलबा आने वाले स्थानों का स्थाई समाधान हो।

धामी ने कहा कि केन्द्र सरकार के स्तर से संबंधित सभी प्रकरणों पर विस्तृत विवरण बना लिया जाए। केन्द्रीय मंत्रालय के साथ बैठक से पहले हमारी पूरी तैयारी होनी चाहिए। राज्य स्तर से जरूरी प्रक्रियाओं को समयबद्धता से पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने गढवाल-कुमाऊँ कनेक्टिविटी के लिए ज्योलिकोट से कर्णप्रयाग मार्ग में तेजी लाये जाने और कैंचीधाम में बाईपास निर्माण के लिए आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।
उन्हाेंने कहा कि शहरों में सड़ंको की स्थिति के बारे में शहरी विकास, आवास और लोक निर्माण विभाग की बैठक आयोजित कर ली जाए। काम की गुणवत्ता भी सुनिश्चित हो और सरलीकरण भी हो। सर्वश्रेष्ठ प्रणालियों काे प्रयोग में लाया जाए।
बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम सहित लोक निर्माण विभाग, एनएच, बीआरओ के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।