बदरीनाथ (चमोली)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रमुख सचिव डॉ. पी के मिश्रा, सलाहकार अमित खरे और उप सचिव मंगेश घिल्डियाल गुरूवार को उत्तराखंड में चमोली स्थित विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम पहुंचे और बदरीनाथ मास्टर प्लान के अन्तर्गत संचालित पुनर्निर्माण कार्यो का निरीक्षण कर समीक्षा की।
इस दौरान उन्होंने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) बाईपास सडक, वनवे लूप रोड, शेष नेत्र एवं बदरीश झील, अराइवल प्लाजा, आईएसबीटी, अस्पताल विस्तारीकरण एवं मंदिर सौन्दर्यीकरण कार्यो का स्थलीय निरीक्षण करते हुए भगवान श्री बद्रीनाथ की पूजा एवं दर्शन कर देश की खुशहाली, प्रगति एवं समृद्वि की कामना भी की। मंदिर समिति द्वारा भगवान बद्रीविशाल का प्रसाद भेंट किया गया।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि बद्रीनाथ का पुनर्निर्माण एवं सौन्दर्यीकरण प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है। उन्होंने जिला प्रशासन समेत निर्माणदायी संस्थाओं को निर्माण कार्यो की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए समय पर सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी कार्यदायी संस्थाओं में निर्माण सामग्री की उपलब्धता निरतंर बनी रहनी चाहिए।

प्रमुख सचिव ने कहा कि बद्रीनाथ के साथ ही माणा गांव एवं उसके आस पास के क्षेत्रों को माडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में श्री बद्रीनाथ में पुनर्निर्माण के कार्य तेजी से चल रहे है और आने वाले समय में बद्रीनाथ में तीर्थयात्रियों को और भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने प्रमुख सचिव को ब्रदीनाथ में संचालित कार्यो की प्रगति के संबध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बद्रीनाथ मास्टर प्लान के अनुसार तेजी से कार्य किए जा रहे है। बीआरओ बाईपास, वन वे लूप रोड का निर्माण पूरा हो गया है। शेषनेत्र, बद्रीश झील एवं सिविक एमिनिटी सेंटर, अराइवल प्लाजा का कार्य अंतिम चरण में है। रिवरफ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर भी तेजी से काम चल रहा है।
इस दौरान मुख्य सचिव डॉ.एसएस संधु सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। प्रधानमंत्री कार्यालय के सभी वरिष्ठ अधिकारी आज रात्रि विश्राम बद्रीनाथ धाम में ही करेंगे।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत ब्रदीनाथ धाम में मास्टर प्लान के अन्तर्गत तीन चरणों में बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। जिसमें पहले चरण का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। दूसरे चरण में बदरीनाथ मुख्य मंदिर, रिवरफ्रंट एवं उसके आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। अंतिम चरण में मंदिर से शेष नेत्र झील को जोड़ने वाले आस्था पथ का निर्माण कार्य किया जाएगा।