हरदा ने उत्तराखंड में महिला मुख्यमंत्री बनते देखने की कही बात, एक पोस्ट से मची खलबली

कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की है। जिसके बाद से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं के बाजार गर्म हो गए हैं। अक्सर चर्चाओं में रहने वाले हरदा एक बार फिर उत्तराखंड में महिला मुख्यमंत्री बनते देखने की बात कहकर चर्चा का विषय बन गए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत अक्सर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है कि उन्होंने उत्तराखंड की किसी महिला को राज्य का मुख्यमंत्री बनने का सपना देखा है। सोशल मीडिया पर अपने सपने को साझा करते हुए हरीश रावत ने कहा कि “मैं यह भी सपना देख रहा हूं कि उत्तराखंड राज्य की मुख्यमंत्री भी कोई बेटी बने।

वो मेरी बेटी भी हो सकती है या एक दलित की बेटी भी हो सकती है । मैंने एक बार दलित बेटी को आने वाले समय में मुख्यमंत्री के रूप में देखा था । विधानसभा की कार्यवाही देखते-देखते मेरे मन में ये ख्याल आया कि समय आ गया है हमारी कुछ बेटियों को अपने आप को इस स्थान के लिए मानसिक रूप से तैयार करना चाहिए”.

हरदा ने अपनी पोस्ट के जरिए परोक्ष रूप से विधानसभा अध्यक्षा ऋतु खंडूरी का भी जिक्र किया। जिस पर अध्यक्षा ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड में महिला आज से नहीं बल्कि बहुत पहले से सशक्त है और उसको जब मौका मिला है उसने अच्छा काम किया है।

अगर हमारे पूर्व सरकारों ने बेटियों को मौका दिया पंचायत में तो वो बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं, कहीं वो प्रधान हैं, कहीं प्रमुख हैं. कहीं जिला पंचायत अध्यक्ष और मेयर भी हैं। जो ये दर्शाता है कि अगर मौका महिलाओं को मिलता है तो वो अच्छा कार्य करती हैं। इसके साथ ही ऋतु खंडूरी ने कहा कि मैं पूर्व मुख्यमंत्री की बात की सराहना करती हूं क्योंकि उन्होंने बहुत अच्छी बात कही है।

हरीश रावत के इस बयान के बाद सियासत गरमा गई है। हरीश रावत के इस बयान के बाद भाजपा हरीश रावत पर निशाना साध रही है। भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता हनी पाठक का कहना है कि ये एक सामान्य पोस्ट होता तो सोचा जाता लेकिन इस पोस्ट में हरीश रावत ने लिखा है कि ये मेरी बेटी भी हो सकती है और दलित बेटी भी हो सकती है।

उन्होंने कहा कि हरीश रावत राज्य की सभी बेटियों को अपनी बेटी नहीं मानते हैं जो मेरी बेटी और तेरी बेटी करने पर उतारू हैं। उन्होंने कहा कि हरीश रावत को उत्तराखंडी होने का दिखावा छोड़ देना चाहिए। उनको अपनी ही बेटी और पुत्र का सपना क्यों आता है ? आगे चलकर उन्हें अपने पोते-पोतियों का भी आएगा क्योंकी उनको आगे बढ़ाने के लिए भी वो कुछ न कुछ करते रहेंगे।

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