गौरा देवी कन्याधन योजना में लाभार्थियों को जारी धन बीच में ही ‘गायब’ हो गया। इसका खुलासा तब हुआ जब इंदिरापुरम निवासी चमन सिंह तोमर अनुदान की राशि की जानकारी लेने समाज कल्याण विभाग पहुंचे।
इस दौरान सामने आया कि विभाग की ओर से 2016 में उनके खाते में धनराशि ट्रांसफर कर दी गई थी। जबकि चमन सिंह ने बताया कि उनके खाते में रुपये पहुंचे ही नहीं हैं। वह एक साल से विभाग के चक्कर काट रहे हैं। इस संबंध में समाज कल्याण सचिव रणवीर सिंह से भी गुहार लगाई लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला।
उल्लेखनीय है कि साल 2017 से शासन ने समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित गौरा देवी कन्याधन योजना और महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से संचालित नंदा देवी योजना को एक कर नंदा-गौरा योजना नाम दे दिया था। इस योजना के संचालन का जिम्मा महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंपा गया है।
