देहरादून। भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद देहरादून वन गुणवत्ता एवं उत्पादकता में सुधार के माध्यम से पारितंत्र सेवाओं की संवर्द्धि विषय पर बुधवार से तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन शुरु हुआ।
समारोह के मुख्य अतिथि व केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यशाला का शुभारंभ किया उन्होंने कहा की भारत और विकासशील देशों से ज्यादा पर्यावरण को विकसित देशों की वजह से नुकसान हो रहा है ।
उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आए प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए वन गुणवत्ता और उत्पादकता में देश की ओर से बेहतर कार्य करने की बात भी कही।
कार्यशाला के बारे में बताते हुए अरुण सिंह रावत महानिदेशक आईसीएफआरई ने कहा की वन ग्रामीण समुदायों के को आजीविका के अवसर जलवायु परिवर्तन न्यूनीकरण के अवसर प्रदान करते हैं और यह कार्यशाला कार्बन प्रथक्करण पौधशाला के साथ ही वृक्षारोपण तकनीक और निम्नलिखित वन भूमि की बहाली से संबंधित जानकारी और अनुभव के साथ ही तकनीकों को भी साझा करने का एक माध्यम होगी,जिससे वन और पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों और संगठनों को लाभ होगा।
इसके साथ ही कार्यशाला में आए पर्यावरणविद भास्कर सिंह कार्की ने कहा कि इस तरह की कार्यशाला होती रहनी चाहिए क्योंकि इसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वनों के लिए कार्य करने वाले लोगों के साथ अनुभव साझा करने और नई नई तकनीक के बारे में जानने और समझने को मिलता है।