शिमला। हिमाचल कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला ने कहा कि केंद्र सरकार राज्य में हुई तबाही को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर तुरंत 10 हजार करोड़ की राहत राशि प्रदान करे।
राजीव शुक्ला ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ से आग्रह किया कि वे संसद के दोनों सदनों में सभी सांसदों को पहाड़ी राज्य को सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से बाहर राहत प्रदान करने की अनुमति दें।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हिमाचल में हुई तबाही की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। प्रदेश ने अपने इतिहास में आज तक ऐसी आपदा कभी नहीं झेली है। राज्य में अब तक 330 लोगों की मौत हो चुकी है, 35 लापता हैं, जबकि 12 हजार घर तबाह हो गए हैं। शुक्ला ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि राज्य को 13 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। नेशनल हाईवे बह गए हैं।

भारी बारिश के कारण पूरे हिमाचल के ऊपरी और निचले इलाकों को नुकसान हुआ है। पहाड़ी राज्य में 7 से 15 जुलाई के बीच, फिर 10 से 14 अगस्त के बीच और अब फिर से बारिश से तबाही हो रही है। 7 से 15 जुलाई के बीच प्रदेश सरकार ने 48 घंटों में 75 हजार पर्यटकों और 17 हजार गाड़ियों को सुरक्षित बाहर निकाला। केंद्र सरकार उत्तराखंड की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश को विशेष पैकेज प्रदान करे। अभी तक केंद्र सरकार ने हिमाचल को सिर्फ 200 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा सभापति से भी आग्रह करूंगा कि वे सांसदों को अपने सांसद विकास निधि से हिमाचल प्रदेश सरकार को राहत कोष में दान देने की अनुमति दें। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू दिल्ली का दौरा कर पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को प्रदेश में हुए नुकसान से अवगत भी करवा चुके हैं। इसलिए केंद्र सरकार जल्द से जल्द हिमाचल को 10 हजार करोड़ की राहत राशि जारी करे।