तीर्थ सेवा न्यास ने हरिद्वार में विश्व सनातन महापीठ की स्थापना की घोषणा की है. महापीठ में युवाओं को शास्त्र, शस्त्र और रोजगारपरक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. न्यास के संरक्षक और परमाध्यक्ष बाबा हठयोगी महाराज ने हरिद्वार में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस बारे में बताया.
बाबा हठयोगी ने बताया कि विश्व सनातन महापीठ भारतवर्ष में सनातन धर्म की गौरवशाली पुनर्स्थापना, संत परंपरा के संरक्षण और वेद-धर्म-संस्कृति के प्रचार का एक दिव्य केंद्र होगा. यह केवल एक तीर्थ स्थान नहीं, अपितु युग निर्माण की योजना है, जहां सनातन धर्म का दर्शन, पराक्रम, परंपरा, विज्ञान और संस्कृति एक साथ जीवंत होंगे.
न्यास के अध्यक्ष राम विशाल दास महाराज ने कहा कि विश्व सनातन महापीठ वह पवित्र केंद्र होगा, जहां शास्त्र और शस्त्र एक साथ प्रतिष्ठित होंगे. यज्ञ से ऊर्जा, तप से शक्ति, सेवा से राष्ट्र निर्माण और सदाचार से समाज का निर्माण होगा. यह युग निर्माण का केंद्र होगा. रामविशाल दास महाराज ने बताया कि महापीठ की स्थापना के लिए भूमि चयन समिति का गठन किया गया है. शीघ्र ही भूमि का चयन कर कार्य शुरू कर दिया जाएगा.
विश्व सनातन महापीठ में वैदिक गुरुकुल की स्थापना कर शास्त्र, संस्कृत, वेद, आयुर्वेद, ज्योतिष आदि विषयों की प्राचीन परंपरा अनुसार शिक्षा दी जाएगी. देशी गौ संरक्षण एवं शोध केन्द्र की स्थापना होगी. चारों शंकराचार्यों, सभी तेरह अखाड़ों के आचार्यं महामण्डलेश्वरों एवं महंतों हेतु स्थायी संत निवास का निर्माण किया जाएगा.
इसके साथ ही संस्कार एवं शौर्य प्रशिक्षण केन्द्र में प्रतिवर्ष 1,00,000 (एक लाख) संस्कारित युवा योद्धाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा, जो आवश्यकता पड़ने पर धर्म और राष्ट्र रक्षा में संकल्पपूर्वक भाग लेंगे. शस्त्र विद्या, आत्मरक्षा, धर्म युद्ध नीति एवं सैन्य अनुशासन के लिए अभ्यास केंद्र बनाया जाएगा. स्वरोजगार प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना भी की जाएगी.