उत्तराखंड के पौड़ी में जितेंद्र सिंह आत्महत्या केस में बीजेपी ने बड़ा एक्शन लिया है. बीजेपी युवा मोर्चा ने प्रदेश मंत्री हिमांशु चमोली को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है. जितेंद्र सिंह ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो बनाया था. जिसमें ₹35 लाख हड़पने का आरोप लगाते हुए हिमांशु चमोली को मौत का जिम्मेदार बताया था. फिलहाल, हिमांशु चमोली को पुलिस ने आरोप के आधार पर हिरासत में लिया है.
दरअसल, आज यानी 21 अगस्त को पौड़ी ब्लॉक के तलसारी गांव में जितेंद्र सिंह (उम्र 32 वर्ष) ने अपने कार के अंदर आत्महत्या कर ली थी. कार में सिंगल बोर बंदूक और कारतूस का खोखा मिला था. जिससे माना जा रहा है कि इसी से जितेंद्र ने अपनी जीवनलीला समाप्त की, लेकिन आत्महत्या से पहले जितेंद्र सिंह ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी अपलोड किया था. जिसमें जितेंद्र रोते हुए हिमांशु चमोली नाम के युवक पर 35 लाख रुपए हड़पने और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाता नजर आ रहा है.

जितेंद्र सिंह का घर देहरादून के भानियावाला में भी है. जहां पर उसकी पत्नी और परिवार रहता है. आत्महत्या करने से पहले बीजेपी नेता हिमांशु चमोली पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. जितेंद्र ने वीडियो में कहा कि हिमांशु को जमीन के लिए 35 लाख रुपए कैश में दिए. साथ ही उसने फोन खरीदने और दफ्तर खोलने के लिए पैसे लिए. इसके अलावा जितेंद्र ने हिमांशु पर अपने ऊपर हमला करने वाले लोगों से मिलीभगत करने का भी आरोप लगाया था.
उधर, सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने और जितेंद्र की हत्या के बाद हड़कंप मच गया. आनन-फानन में पुलिस ने हिमांशु चमोली को हिरासत में लिया, फिर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई कर रही है. पूरे मामले में पौड़ी एसएसपी लोकेश्वर सिंहने बताया कि गोली उसके गले पर लगी थी. जिसके चलते उसकी मौत हुई है. फिलहाल, पूरे मामले में सबूत जुटाए जा रहे हैं, उसके आधार पुलिस की ओर से कार्रवाई की जाएगी.
करन माहरा ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी ने उत्तराखंड में लोकतंत्र को खोखला करने का ठेका ले रखा है. पंचायत चुनावों में सत्ता के संरक्षण में गुंडों ने खुलेआम गोलियां चलाईं. जो बीजेपी से जुड़े हुए थे. उत्तराखंड शांत प्रदेश है, यह देवभूमि है, यह गोलियों और गुंडागर्दी से आगे नहीं बढ़ेगी. दिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्यों का अपहरण कर उनकी लोकतांत्रिक आवाज को कुचलने की कोशिश की गई. यह सब सत्ता की हनक और गुंडागर्दी का नाच है, जिसे उत्तराखंड की जनता अपनी आंखों से देख रही है.
करन माहरा का आरोप है कि आज जितेंद्र सिंह की मौत सिर्फ एक आत्महत्या नहीं है, बल्कि ये बीजेपी की तानाशाही और दबंग राजनीति का जीवित सबूत है. जब किसी साधारण नागरिक को न्याय नहीं मिलता, तब पुलिस सत्ता के इशारे पर अन्याय की साथी बन जाती है तो यही हालात बनते हैं. उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी को यह समझना होगा कि लोकतंत्र गुंडागर्दी से नहीं चलता. जनता की आवाज दबाकर निर्दोषों की बलि लेकर, लोकतंत्र की हत्या करके बीजेपी ज्यादा दिन टिक नहीं सकती.