उत्तराखंड के पहाड़ी जिले बागेश्वर में भूकंप आया है. नेशनल सेंटर ऑफ सिस्मोलॉजी के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.4 थी. ये भूकंप सुबह 7.48 बजे आया. भूकंप केंद्र की गहराई 10 किलोमीटर नीचे बताई गई है.
उत्तराखंड के बागेश्वर में जब ये भूकंप आया तो लोग सुबह उठकर अपने रोजमर्रा के कार्यों में लगे थे. कई लोगों को तो इसका अहसास भी नहीं हुआ. भूकंप प्रभावित बागेश्वर जिसे से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की दूरी 196 किलोमीटर है.
इसके साथ ही आज सुबह उत्तर प्रदेश के गोंडा, सिक्किम के नामची, मंगन, गंगटोक और ग्यालशिंग में भी भूकंप आया है. मंगन में तो सुबह से 7 बार भूकंप के झटके आ चुके हैं. नामची में आज 4 बार भूकंप के झटके आ चुके हैं.
इसके साथ ही नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार पड़ोसी देश चीन, नेपाल, म्यांमार, भूटान और तिब्बत में भी भूकंप के झटके महसूस हुए हैं. म्यांमार में जहां 4.9 तीव्रता का भूकंप आया तो वहीं तिब्बत में भूकंप की तीव्रता 4.5 रही. गौरतलब है कि उत्तराखंड में साल 2026 का पहला भूकंप भी बागेश्वर जिले में ही आया था. 13 जनवरी को उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में सुबह 7.25 पर आए भूकंप की तीव्रता 3.5 थी. इसके बाद 27 जनवरी को उत्तरकाशी जिले में भूकंप के झटके आए थे.
गौरतलब है कि भारत सरकार के ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) ने नेशनल सिस्मिक हजार्ड मैप को पिछले साल नवंबर के अंत में अपडेट किया था. पुराने सिस्मिक हजार्ड मैप में देश को 4 जोन (II, III, IV, V) में बांटा गया था. नए मैप में एक और नया जोन VI जोड़ा गया. इसके तहत देश की पूरी हिमालयन बेल्ट यानी अरुणाचल प्रदेश से लेकर जम्मू-कश्मीर तक को भूकंप के लिहाज से जोन VI में रखा गया है. इसका मतलब यह है कि हिमालयन बेल्ट में बड़े या फिर विनाशकारी भूकंप की आशंका बनी हुई है. पुराने सिस्मिक हजार्ड मैप में पांच ही जोन थे, लेकिन नए में VI (6) जोन हो गए. इसका मतलब ये हुआ कि पहले उत्तराखंड के कुछ पहाड़ी जिले ही जोन 5 में आते थे. अब पूरा उत्तराखंड ही जोन 6 में है.