“अब आश्वासन नहीं, पुरानी पेंशन पर ठोस निर्णय जरूरी”
हल्द्वानी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा हल्द्वानी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उत्तराखण्ड में कांग्रेस की सरकार बनने पर पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने के दिए गए आश्वासन का राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (NOPRUF), उत्तराखण्ड ने स्वागत किया है।
NOPRUF पदाधिकारियों ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों की वर्षों पुरानी मांग है और यह केवल किसी राजनीतिक दल का विषय नहीं, बल्कि प्रदेश के लाखों अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक एवं उनके परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रश्न है।
मनोज अवस्थी, प्रदेश अध्यक्ष NOPRUF
प्रदेश अध्यक्ष श्री मनोज अवस्थी ने कहा कि श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी द्वारा कर्मचारियों की बुढ़ापे की लाठी कही जाने वाली पुरानी पेंशन के विषय में चिंता व्यक्त करने तथा सरकार बनने पर OPS बहाल करने का आश्वासन देने के लिए उनका हार्दिक धन्यवाद।
उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष पुरानी पेंशन बहाली की बात कर रहा है तो वर्तमान सरकार को भी बिना किसी देरी के कर्मचारियों के हित में सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन किसी एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं है, बल्कि कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा का विषय है।

“कर्मचारियों की बात करने वाला ही उत्तराखण्ड में राज करेगा”— श्री अवस्थी ने कहा।
सीताराम पोखरियाल, प्रदेश महासचिव NOPRUF
प्रदेश महासचिव श्री सीताराम पोखरियाल ने कहा कि वर्तमान NPS व्यवस्था में कर्मचारियों के वेतन से कटने वाली धनराशि के साथ सरकार का अंशदान भी बाजार एवं शेयर बाजार में निवेश किया जाता है। बाजार के उतार-चढ़ाव से जुड़ा जोखिम कर्मचारी के साथ-साथ सरकार के धन से भी संबंधित है।
उन्होंने कहा कि सरकार को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। जब एक दिन का विधायक और एक दिन का सांसद पेंशन का लाभ प्राप्त कर सकता है, तो 30-35 वर्षों तक सरकारी सेवा करने वाले कर्मचारी को सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक सुरक्षा से वंचित क्यों रखा जाए?
उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों के बुढ़ापे की लाठी है और इसे बहाल करना कर्मचारियों के हित के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा की दृष्टि से भी आवश्यक है।

विक्रम रावत, प्रदेश प्रभारी NOPRUF
प्रदेश प्रभारी श्री विक्रम रावत ने कहा कि राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा लंबे समय से पुरानी पेंशन की मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन चला रहा है। प्रदेशभर के कर्मचारी इस मांग को लेकर लगातार संघर्षरत हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की भावनाओं को समझते हुए शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। यदि सरकार ने सकारात्मक पहल नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
अनूप पुजारी, कुमाऊं मंडल संयोजक NOPRUF
कुमाऊं मंडल संयोजक श्री अनूप पुजारी ने कहा कि पुरानी पेंशन को लेकर कर्मचारियों में लगातार आक्रोश बढ़ रहा है। NOPRUF द्वारा चरणबद्ध आंदोलन के तहत आगामी 01 अक्टूबर को मुख्यमंत्री आवास घेराव का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के NPS/UPS से आच्छादित कर्मचारी इस आंदोलन में बड़ी संख्या में भाग लेंगे। सरकार के पास अभी भी समय है कि वह कर्मचारियों की मांग पर सकारात्मक निर्णय लेकर आंदोलन की स्थिति को टाल सकती है।
डॉ. नीतू कार्की, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष (महिला) NOPRUF
प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष (महिला) डॉ. नीतू कार्की ने कहा कि श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी का वक्तव्य पुरानी पेंशन के विषय को एक बार फिर व्यापक सार्वजनिक एवं नीतिगत विमर्श के केंद्र में लेकर आया है।
उन्होंने कहा कि NOPRUF का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का समर्थन अथवा विरोध करना नहीं है। संगठन की अपेक्षा सभी राजनीतिक दलों और नीति-निर्माताओं से है कि वे OPS पर अपना स्पष्ट, संवेदनशील एवं ठोस दृष्टिकोण सामने रखें।

उन्होंने कहा कि दशकों तक राष्ट्र और समाज की सेवा करने वाले कर्मचारियों एवं उनके परिवारों की सामाजिक सुरक्षा का प्रश्न प्राथमिकता के साथ सुना जाना चाहिए।
अब आवश्यकता केवल आश्वासन की नहीं, बल्कि स्पष्ट नीति और ठोस निर्णय की है।
NOPRUF पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि कर्मचारी समाज जागरूक, संगठित और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी न्यायोचित मांग को उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार को कर्मचारी हित में शीघ्र निर्णय लेते हुए उत्तराखण्ड में पुरानी पेंशन योजना बहाल करनी चाहिए।
एक मिशन — पुरानी पेंशन। ✊
राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (NOPRUF), उत्तराखण्ड