चारधाम: अब भोज पत्र पर अंकित होगी बदरी विशाल की आरती

चमाेली। मानव शिक्षा , लेखन और पूजा में आदि काल से महत्वपूर्ण भोज पत्र पर अब भगवान बदरी विशाल की आरती , बद्रीनाथ और धार्मिक जगत के प्राचीन ग्रंथों के श्लोक, दिब्य और पवित्र श्रृंगार के लिए भोज पत्रों की माला इसके कद्रदानों को उपलब्ध हो सकेगी

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत भोज पत्र कैलीग्राफी प्रशिक्षण कार्य क्रम में ग्रामीणों को भोज पत्र के रचनात्मक प्रयोग के हुनर सिखाये जाने कार्य चमोली जिले के सीमांत ग्रामीणों को सिखाया जा रहा है। कागा करपक के ग्राम प्रधान और मास्टर ट्रेनर पुष्कर सिंह राणा बताते हैं कि ग्रामीण महिलाएं भोज पत्र की कैलिग्राफी में बहुत रुचि ले रहीं है।

भोज पत्र पर कैलिग्राफी के अंतर्गत महिलाओं को भोज पत्र पर बद्री धाम की आरती,बद्री विशाल के श्लोक,भोज पत्र की माला व अन्य कई तरह के चित्रण बनाने की ट्रेनिग देकर दक्ष किया जा रहा है।जिला विकास अधिकारी डॉ0 महेश कुमार ने कहा कि आने वाले समय में समूह के माध्यम से भोज पत्र की इन सुन्दर कला कृतियों को बद्रीनाथ मे यात्रियों को उपलब्ध करवाया जाएगा ।जिससे महिला स्वयं सहायता समूहो के सदस्यों को आर्थिक आत्मनिर्भर बनने में सहयोग मिलेगा।

भोज पत्रों पर कैलिग्राफी का प्रशिक्षण लिये मंजू देवी,लक्ष्मी राणा,दीपा डुंगरियाल,सुनीता राणा,मीनाक्षी चौहान,शशि थपलियाल,इंदु बिष्ट,बबली राणा,गंगा राणा रूपा राणा,ममता व शकुंतला देवी ने बताया निःसंदेह भोज पत्र के रचनात्मक कार्य और इस पर कैलिग्राफी सृजन कला और आर्थिकी की आत्म निर्भरता के लिए महत्वपूर्ण अवसर है ।

भोज पत्र पर धर्म ग्रंथों और बद्रीनाथ के महात्म्य को लिखा एक सुंदर चित्रण गत वर्ष बद्रीनाथ और भारत के पहले गांव व वाईब्रेंट क्षेत्र माणा में आये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को स्वयं सहायता समूहों ने भेंट की । जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खूब सराहा । हाल में सीमांत क्षेत्र मलारी में आये केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डाक्टर मनसुख मांडविया को क्षेत्र के ग्रामीणों ने स्वागत में जब भोज पत्र की माला पहनाई तो केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने भी स्थानीय लोगों की इस संस्कृति की सराहना की

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