उत्तराखंड चारधाम यात्रा को लेकर पुलिस-प्रशासन ने कमर कस ली है. आज 10 अप्रैल को उत्तराखंड डीजीपी दीपम सेठ ने अधिकारियों के साथ हाई-लेवल की बैठक की. बैठक में सुरक्षा से यातायात तक तैयारियों की समीक्षा की गई.
बैठक में डीजीपी दीपम सेठ ने निर्देश दिए कि दो एडीजी सहित चार आईजी चारों धामों सहित यात्रा रूट का स्थलीय निरीक्षण करेंगे. इसके अलावा यात्रा के सकुशल संचालन में करीब 7000 पुलिसकर्मी 24×7 मुस्तैद रहेंगे. चारधाम यात्रा को 16 सुपर जोन और 149 सेक्टर में बनाया गया है. इसके अलावा 118 पार्किंग स्थल बनाए गए है.
इसके अलावा आईजी को चारधाम यात्रा के लिए नोडल अधिकार बनाया गया है. वहीं एकीकृत चारधाम यात्रा कंट्रोल रूम” से 24×7 मॉनिटरिंग होगी. सुरक्षा के मद्देनजर एटीएस टीमों की तैनाती की जाएगी और यात्रियों की मदद के लिए 57 टूरिस्ट पुलिस केंद्र और 48 हॉल्टिंग पॉइंट्स सहित हेल्प डेस्क तैयार किए गए.
अलग-अलग अधिकारियों को दी गई धामों के निरीक्षण की जिम्मेदारी:
- श्री गंगोत्री धाम की जिम्मेदारी ADG लॉ एंड ऑर्डर वी मुरुगेशन
- श्री बदरीनाथ धाम की जिम्मेदारी ADGप्रशासन एपी अंशुमान
- हरिद्वार की जिम्मेदारी पुलिस महानिरीक्षक पीएण्डएम विम्मी सचदेवा
- श्री केदारनाथ धाम की जिम्मेदारीपुलिस महानिरीक्षक साइबर नीलेश आनन्द भरणे
- श्री युमनोत्री धाम की जिम्मेदारी पुलिस महानिरीक्षक प्रशिक्षण अनन्त शंकर ताकवाले
- ऋषिकेश, लक्ष्मणझूला, मुनिकीरेती की जिम्मेदारीआईजी लॉ एंड ऑर्डर सुनील कुमार मीणा
- आईजी गढ़वाल रेंज राजीव स्वरूप को चारधाम यात्रा-2026 के लिए नोडल अधिकारी नामित किया गया है.
चारधाम मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन ओर कैमरा के प्रयोग पर मानक SOP का सख्ती से अनुपालन किया जाएगा. साथ ही ब्लॉगर और यूट्यूबरों की गतिविधियों पर भी सतर्क नजर रखी जाएगी. सुरक्षा के मद्देनजर धामों पर निजी ड्रोनों के संचालन के संबंध में जारी की गई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का कड़ाई से पालन किया जाएगा.
डीजीपी दीपम सेठ ने कहा कि चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा देवभूमि उत्तराखण्ड के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के आगमन प्रदेश में होता है. श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन आदि सभी पहलुओं पर विशेष सतर्कता बरती जाए,जिससे श्रद्धालु यहां से अच्छे अनुभव लेकर जाएं. उत्तराखण्ड पुलिस चारधाम यात्रा को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.