हरिद्वार में सीएम धामी ने धर्मशाला का किया लोकार्पण, रामनगर में विधायक की पत्नी के निधन पर दी सांत्वना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज हरिद्वार और रामनगर के दौरे पर रहे. जहां हरिद्वार में उन्होंने गंगा दशहरा पर्व पर आनंद धर्मशाला ट्रस्ट की ओर से निर्मित धर्मशाला का लोकार्पण किया, तो वहीं रामनगर में विधायक दीवान सिंह बिष्ट के आवास पर पहुंचकर उनकी धर्मपत्नी के निधन पर अपनी शोक संवेदना व्यक्त की.

 सीएम पुष्कर सिंह धामी हरिद्वार पहुंचे, जहां उन्होंने श्री आनंद धर्मशाला ट्रस्ट का लोकार्पण किया. इस दौरान उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए राज्य सरकार की ओर से किए गए कार्यों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि सरकार लगातार राज्य के हित में आगे बढ़ रही है और विकास की नई इबारत गढ़ रही है. इसके अलावा चारधाम यात्रा को लेकर भी बयान दिया.

धर्मशाला लोकार्पण समारोह पर सीएम धामी ने कहा कि क्षत्रिय कलोता समाज ने सदैव अपने परिश्रम, साहस और संस्कारों के बल पर समाज एवं राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. खेती, व्यापार, शिक्षा, समाज सेवा तथा देश की सुरक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में इस समाज के लोगों ने उल्लेखनीय कार्य किए हैं.

साथ ही कहा कि भारतीय सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल समेत अन्य सुरक्षा बलों में सेवाएं देकर समाज के वीर सपूत राष्ट्र की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ बना रहे हैं. उन्होंने श्री आनंद धर्मशाला ट्रस्ट की ओर से धार्मिक जागरण, सांस्कृतिक संरक्षण और मानव कल्याण के लिए किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की.

सीएम धामी ने कहा कि साल 2027 में आयोजित होने वाले हरिद्वार कुंभ को भव्य, दिव्य और सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में कार्य कर रही है. घाटों के पुनरुद्धार, सड़क व्यवस्था, स्वच्छता, यातायात और मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए तेजी से काम किए जा रहे हैं. ताकि, हर श्रद्धालु को सुव्यवस्थित और सुरक्षित अनुभव मिल सके.

इसके अलावा सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सनातन संस्कृति को वैश्विक पहचान मिली है. उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम पुनर्विकास, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और महाकाल लोक जैसी परियोजनाओं का जिक्र किया.

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भी केदारखंड एवं मानसखंड क्षेत्रों के प्राचीन मंदिरों के पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण के कार्य लगातार प्रगति पर हैं. राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, सनातन मूल्यों और सामाजिक समरसता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.

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