पहाड़ों की सेहत सुधारेगा 1075 करोड़ का मास्टर प्लान, कैंसर-डायबिटीज जांच पर बड़ा फोकस

उत्तराखंड में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित सरकारी एवं गैर सरकारी बाल देखरेख संस्थाओं की थर्ड पार्टी ऑडिट करने का निर्णय लिया गया है. दरअसल, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में 26 मई को महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत मिशन सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण, मिशन वात्सल्य एवं मिशन शक्ति से संबंधित राज्य स्तरीय मूल्यांकन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक हुई. बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सभी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए तमाम जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए.

वर्तमान समय में प्रदेश में टेक होम राशन का वितरण पूरी तरह से फेस रिकग्निशन सिस्टम के जरिए नहीं हो पा रहा है. जिसके चलते राशन वितरण में पहले भी तमाम तरह की धांधली के मामले सामने आ चुके हैं. जिसको देखते हुए मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टेक होम राशन का शत प्रतिशत वितरण फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) के तहत ही किया जाए. इसके लिए जरूरी व्यवस्थाएं जल्द से जल्द की जाए. सीएस ने जिला स्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय समितियों की बैठक निर्धारित समय पर नियमित रूप से की जाने के निर्देश दिए, ताकि संबंधित विभागों से लगातार समन्वय स्थापित कर समस्याओं का निस्तारण किया जा सके.

बैठक के दौरान यह मामला भी सामने आया कि प्रदेश में तमाम आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे हैं, जहां पर विद्युत या फिर पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है. जिस कारण आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को तमाम दिक्कतों का सामना भी करना पड़ता है और वह पहले भी कई बार व्यवस्थाओं को मुकम्मल करने की मांग कर चुकी है. इस पूरे मामले पर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में विद्युत एवं पेयजल व्यवस्था की जाए. इसके साथ ही जिन भी आंगनबाड़ी केंद्रों में विद्युत एवं पेयजल की उपलब्धता नहीं है, संबंधित विभागों को ऐसे केंद्रों की सूची उपलब्ध कराई जाए. जरूरत पड़ने पर इसके लिए बजट भी उपलब्ध कराया जाएगा.

मुख्य सचिव ने कहा कि, जिन आंगनबाड़ी केंद्रों के अपने भवन नहीं हैं. उनके आसपास नए पंचायत भवन बनने के चलते या अन्य कारणों से पुराने पंचायत भवनों का उपयोग अगर नहीं हो रहा है, तो उसका इस्तेमाल करने के लिए भवन को आंगनबाड़ी केंद्रों को दे दिए जाएं. विभाग ऐसे पंचायत भवनों की मरम्मत कराकर, अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर उपयोग करें. असुरक्षित पंचायत भवनों को ध्वस्त कर फिर से भवन निर्माण कराया जाए. साथ ही मुख्य सचिव ने विभाग के तहत संचालित सभी राजकीय एवं स्वैच्छिक बाल देखरेख संस्थाओं को थर्ड पार्टी ऑडिट करवाए जाने के भी निर्देश दिए.

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