देहरादून पहुंचे निहंग श्रद्धालुओं से प्रशासन की वार्ता, सहमति के बाद सभी को शांतिपूर्वक पांवटा साहिब लौटाया गया

उत्तराखंड की सीमा में घुसे निहंग सिख अब शांत हो चुके हैं. कयास लगाए जा रहे थे कि चंडीगढ़ से सैकड़ों की संख्या में सिखों के जत्थे के कर्णप्रयाग पहुंचने के ऐलान से माहौल बिगड़ सकता है. बवाल होने की संभावना जताई जा रही थी. हालांकि, कई वीडियो आए थे, जिसमें पुलिस और सिखों के जत्थे में बैरिकेड के पास बहस होती दिख रही थी. मगर, अब सब सही हो गया है. पुलिस और जिला प्रशासन के साथ बातचीत के बाद निहंग सिखों ने अपना धरना और मार्च वापस ले लिया. हालांकि, बॉर्डर पर पहुंचे निहंग अभी भी आपस में बात कर रहे हैं. अब 11 बजे के करीब उनकी पुलिस प्रशासन से फाइनल बातचीत हो सकती है.

कुल्हाल में बेरिकेट्स लगा कर मार्ग को पूरी तरह सील कर दिया गया है. कुल्हाल पांवटा साहिब पुल पर वाहनों की लंबी लाइन लगी हुई है. यहां तक कि पांवटा साहिब बाजार वाले मार्ग से उत्तराखंड आने वाले वाहनों पर पूरी तरह रोक है. वैकल्पिक तौर पर फोरलेन हाइवे खुला है. पांवटा साहिब गुरुद्वारा में निहंग सिख भारी संख्या में मौजूद है. देर रात मोहाली चंडीगढ़ से निहंग सिखों के और वाहन पहुंचे थे. उत्तराखंड प्रशासन निहंगों के साथ 11 बजे बैठक कर सकता है.

गौरतलब है, 25 जून को कर्णप्रयाग पहुंचने के अल्टीमेटम के बाद हलचल बढ़ गई थी. उत्तराखंड के सभी सीमावर्ती बॉर्डरों पर भारी पुलिस बल तैनात था. कुल्हाल बॉर्डर पर पुलिस के साथ अर्धसैनिक बल ने मोर्चा संभाल लिया था. बॉर्डर से गुजरने वाले सभी वाहनों की तलाशी ली जा रही थी. दोपहर 3 बजे तक कुल्हाल बॉर्डर पर जत्थे के पहुंचने की संभावना थी.




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