
रुद्रपुर: ऊधम सिंह नगर जिले के बाजपुर सिविल न्यायालय में गुरुवार को सतर्कता अधिष्ठान यानी विजिलेंस की टीम ने बड़ी कार्रवाई की. विजिलेंस की टीम ने दीवानी नाजिर शाखा में तैनात कर्मचारी ओम बाबू को 3,500 रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया.
दरअसल, चेक बाउंस के एक मामले में समझौते के बाद केस समाप्त कराने की प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर रिश्वत मांगने की शिकायत विजिलेंस को मिली थी. शिकायत सही पाए जाने के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को दबोच लिया. कार्रवाई के दौरान न्यायालय परिसर में कुछ देर के लिए हंगामे की स्थिति भी बन गई थी.
जानकारी के अनुसार, बाजपुर के वार्ड नंबर-2 निवासी शाहिद ने विजिलेंस कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि चेक बाउंस के एक मामले में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका था, लेकिन केस समाप्त कराने की न्यायिक प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर संबंधित कर्मचारी ओम बाबू द्वारा 3,500 रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी. शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने के बजाय इसकी जानकारी विजिलेंस को दी.
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस अधिकारियों ने पूरे मामले का गोपनीय सत्यापन किया. आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की कार्रवाई की. तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता आरोपी कर्मचारी के पास पहुंचा और जैसे ही उसने रिश्वत की राशि सौंपी, पहले से मौजूद विजिलेंस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ओम बाबू को रंगे हाथ पकड़ लिया.
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस अधिकारियों ने आरोपी से प्रारंभिक पूछताछ की और उसे अपने साथ आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए ले गए. टीम ने रिश्वत की रकम को भी अपने कब्जे में लेकर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किएय कार्रवाई के दौरान न्यायालय परिसर में मौजूद कुछ अधिवक्ताओं ने विजिलेंस अधिकारियों से कार्रवाई के संबंध में जानकारी मांगी.
इस दौरान अधिकारियों और कुछ अधिवक्ताओं के बीच कहासुनी भी हुई, जिससे कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया. स्थिति को देखते हुए स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित कर माहौल शांत कराया.
विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है. साथ ही मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच भी जारी है. यह कार्रवाई एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी के खिलाफ विजिलेंस की सख्त कार्रवाई का संदेश देती है.