बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की धनराशि और भेंट सामग्री में कथित हेराफेरी के मामले में जांच तेज हो गई है। विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने मामले में करीब एक हजार पन्नों का आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया है। चार्जशीट में 50 गवाहों को शामिल किया गया है। वहीं, न्यायालय ने तीन आरोपियों के खिलाफ संज्ञान लेते हुए आगे की न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मामले में आरोपियों के रूप में बदरीनाथ मंदिर के तत्कालीन प्रोटोकॉल अधिकारी प्रमोद नौटियाल, सेवानिवृत्त मंदिर अधिकारी राजेंद्र सिंह चौहान और सुरक्षा कर्मी मनोज कुमार के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि मंदिर में चढ़ावे की धनराशि और भेंट सामग्री की गणना व जमा करने की प्रक्रिया के दौरान अनियमितताएं हुईं।
जांच के दौरान चढ़ावे से संबंधित धनराशि और भेंट सामग्री में कथित गड़बड़ी के पहलुओं की पड़ताल की गई। सुरक्षा कर्मी मनोज कुमार पर भी भेंट सामग्री की गणना के दौरान चोरी करने का आरोप लगाया गया है। एसआईटी ने जांच से जुड़े दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में आरोपपत्र पेश किया है।
प्रस्तुत दस्तावेजों और आरोपपत्र का अवलोकन करने के बाद ज्योतिर्मठ स्थित न्यायालय ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संज्ञान लिया। मामले में अगली सुनवाई 22 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।
फिलहाल, मामले में न्यायालय की आगे की कार्यवाही पर नजर बनी हुई है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी है।