उत्तराखंड में अब सरकारी विभाग मनमाने तरीके से सड़कें खोदकर उन्हें बदहाल नहीं छोड़ सकेंगे। सड़कों की स्थिति सुधारने और बार-बार होने वाली खुदाई पर अंकुश लगाने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने नई सड़क कटान नीति तैयार की है। इसके तहत अब साल में केवल जनवरी और दिसंबर के महीनों में ही सड़क खोदने की अनुमति दी जाएगी।
नई नीति के अनुसार, विशेष परिस्थितियों में सड़क कटान के लिए जिलाधिकारी की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। वहीं, पांच किलोमीटर से अधिक लंबी सड़क पर कटान करने के लिए लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता से अनुमति लेनी होगी।
नीति में सड़क की मरम्मत और रखरखाव को लेकर भी जिम्मेदारी तय की गई है। सड़क खोदने वाला संबंधित विभाग कटान से पहले सड़क को जिस स्थिति में थी, उसी स्थिति में बहाल करेगा। इसके साथ ही निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अगले दो साल तक सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी भी संबंधित विभाग की होगी। इस व्यवस्था से सड़कों को लंबे समय तक खराब छोड़ने की समस्या पर रोक लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मल्टी यूटिलिटी डक्ट होने पर दोबारा नहीं कटेगी सड़क
नई नीति के अनुसार, जिन स्थानों पर मल्टी यूटिलिटी डक्ट (एमयूडी) उपलब्ध है, वहां अलग से डक्ट बिछाने के लिए दोबारा सड़क खोदने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि, विशेष परिस्थितियों में मल्टी सेक्टोरल कोऑर्डिनेशन कमेटी की मंजूरी के बाद ही इसकी अनुमति मिल सकेगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य बार-बार सड़क की खुदाई रोकना और सड़कों को होने वाले नुकसान को कम करना है।