देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में किमाड़ी के जंगल में कंकाल मिलने से सनसनी फैल गई है। यह कंकाल करीब तीन महीने से लापता 22 वर्षीय मोहम्मद सारिक का होने की आशंका जताई जा रही है। घटनास्थल से मिले कपड़ों के आधार पर पुलिस इस मामले को लापता युवक से जोड़कर देख रही है। हालांकि, कंकाल की वास्तविक पहचान की पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसके लिए पुलिस ने DNA जांच का सहारा लिया है और नमूने फॉरेंसिक लैब भेजे हैं।
DNA रिपोर्ट से स्पष्ट होगी कंकाल की पहचान
पुलिस के मुताबिक, किमाड़ी से आगे जंगल में कंकाल मिलने के बाद उसकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए वैज्ञानिक जांच की प्रक्रिया शुरू की गई है। फॉरेंसिक लैब से DNA रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बरामद कंकाल मोहम्मद सारिक का है या किसी अन्य व्यक्ति का।इस मामले में पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य परिस्थितियों की भी पड़ताल कर रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य कंकाल की पहचान करने के साथ ही मौत के कारणों और उससे जुड़ी परिस्थितियों का पता लगाना है।
17 जुलाई की रात घर से लापता हुआ था सारिक
आजाद कॉलोनी निवासी मोहम्मद सारिक 17 जुलाई की रात अचानक घर से लापता हो गया था। 22 वर्षीय सारिक ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी से रेडियोथेरेपी टेक्नोलॉजी में स्नातक की पढ़ाई कर रहा था। उसके अचानक गायब होने से परिजन परेशान हो गए और उन्होंने उसकी तलाश शुरू कर दी।काफी खोजबीन के बाद भी जब सारिक का कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने 18 जुलाई को पटेलनगर कोतवाली में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। शुरुआती तलाश के दौरान पुलिस को भी युवक के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी।
गुमशुदगी से अपहरण तक पहुंचा मामला
युवक का लंबे समय तक पता नहीं चलने के बाद पुलिस ने मामले में दर्ज गुमशुदगी की प्राथमिकी को अपहरण की प्राथमिकी में तरमीम कर दिया था। इसके बाद से पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों और संभावित परिस्थितियों की जांच कर रही थी।अब किमाड़ी के जंगल में कंकाल मिलने के बाद जांच को नया मोड़ मिला है। हालांकि, कपड़ों के आधार पर जताई जा रही आशंका को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। DNA रिपोर्ट आने के बाद ही मामले में स्थिति स्पष्ट होगी।
हत्या के आरोपों की भी जांच
मोहम्मद सारिक के परिजनों ने मामले में हत्या की आशंका जताते हुए आरोप लगाए हैं। पुलिस इन आरोपों और युवक के लापता होने से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रही है। फिलहाल कंकाल की पहचान, मौत के कारण और घटना के पीछे किसी की भूमिका होने जैसे सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे।