केदारताल ट्रैक पर हिमस्खलन में फंसे आठ पर्वतारोहियों की तलाश में जुटी रेस्क्यू टीमों के सामने लगातार हो रही बर्फबारी बड़ी चुनौती बन गई है। सोमवार को घटनास्थल के पास टेंट और बैग मिलने के बाद लापता पर्वतारोहियों के मिलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन क्षेत्र में दोबारा बर्फबारी होने से खोज-बचाव अभियान प्रभावित हो रहा है। पर्वतारोहण से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इसी तरह बर्फबारी जारी रही तो रेस्क्यू अभियान और मुश्किल हो सकता है।
दरअसल, केदारताल ट्रैक पर करीब पांच दिन पहले हुए हिमस्खलन के बाद कच्ची ढांग के समीप आठ लोग फंस गए थे। इनमें पश्चिम बंगाल के पांच, उत्तर प्रदेश के दो पर्वतारोही और उत्तरकाशी के नेलांग क्षेत्र के निवासी एक गाइड शामिल हैं। लापता लोगों की तलाश में पहुंची रेस्क्यू टीम को सोमवार दोपहर बाद क्षेत्र में बर्फबारी के चलते अभियान रोकना पड़ा था।
गढ़वाल माउंटेनियरिंग एंड ट्रेकिंग एसोसिएशन के सचिव मनोज रावत के अनुसार, संबंधित क्षेत्र में पहले से ही हिमस्खलन के कारण काफी बर्फ जमा है। ऐसे में लगातार बर्फबारी के बीच खोज-बचाव अभियान चलाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। यदि मौसम इसी तरह बना रहा तो रेस्क्यू टीमों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही हिमस्खलन की घटनाएं
पिछले पांच से छह वर्षों में उत्तरकाशी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन की घटनाओं में पर्वतारोहियों के फंसने और अन्य हादसों के मामले सामने आते रहे हैं। इसके पीछे मौसम के पूर्वानुमान की पर्याप्त जानकारी का अभाव और पोर्टर व गाइड की कम संख्या को भी प्रमुख कारण माना जा रहा है।