पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कहा कि प्रदेश में जाति आधारित गणना हो जाने से सभी धर्म की सभी जाति के लोगों का ठीक ढंग से विकास होगा, किसी की उपेक्षा नहीं होगी और सबका ध्यान रखा जाएगा।
कुमार ने सोमवार को यहां ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बातचीत के दौरान जाति आधारित गणना से संबंधित सवाल के जवाब में कहा, “अगर जाति आधारित गणना हो जाएगी तो चाहे किसी धर्म, जाति, मजहब के हों, अपर कास्ट, बैकवर्ड, दलित, आदिवासी हों, सबके बारे में पूरी जानकारी मिलेगी। कोई भी किसी समुदाय का हो उसकी आर्थिक स्थिति की जानकारी मिलेगी और उसको बेहतर करने के लिये काम किया जायेगा। वर्ष 1990 से ही हम कह रहे हैं कि एक बार यह होना चाहिए। हमलोगों का प्रयास है कि सबका विकास ठीक ढंग से हो। सब तरह की जानकारी हो जाएगी तो अच्छा होगा, उसका फायदा होगा। किसी की उपेक्षा नहीं होगी। सबका ध्यान रखा जाएगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि जाति आधारित गणना को लेकर फंड का आवंटन कर दिया गया है। एक महीने की तैयारी के बाद जाति आधारित गणना का काम शुरु हो जायेगा। बिहार में सर्वसम्मति से जातीय गणना की बात हुई है। उन्होंने कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। बिहार में बहुत अच्छे ढंग से जाति की गणना की जायेगी। बिहार के बाहर रहने वालों लोगों की भी जानकारी लेकर उनकी गणना की जायेगी।
कुमार ने कहा कि वर्ष 2010-11 में केंद्र सरकार के द्वारा गणना की गई उसे भी प्रकाशित नहीं किया गया। इसके संबंध में जानकारी आई है कि यह ठीक ढंग से नहीं हुआ था। हमलोग यहां इसे बढ़िया ढंग से करायेंगे। यहां के अधिकारी इसे अच्छे ढंग से करेंगे और सभी पार्टी के लोग भी मिलकर इसपर काम करेंगे। यहां यह इतने अच्छे ढंग से होगा कि बाकी लोग भी इसकी प्रशंसा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अभी अधिकारियों के साथ जाति आधारित गणना को लेकर एक-दो बैठक और करेंगे ताकि तेजी से और बढ़िया से काम हो सके। उन्होंने कहा कि वैसे लोगों को भी इसमें शामिल किया जाएगा जो पिछले किसी जनगणना कार्य में लगे हुए थे या उसका अनुभव रखते हैं।
