नैनीताल। उत्तराखंड की उधमसिंह नगर पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के पुत्र व प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा को ठिकाने लगाने के मामले में चार षड्यंत्रकारियों को गिरफ्तार किया है। उधमसिंह नगर पुलिस की यह बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।
उधमसिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मंजूनाथ टीएस ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम का प्रमुख षड्यंत्रकारी सितारगंज का खनन कारोबारी हीरा सिंह है। उन्होंने बताया कि हीरा सिंह खनन का कारोबार करता है। पिछले कुछ समय से उसे खनन के धंधे में लाभ कम व घाटा अधिक रहा।
कुछ समय पहले वह सरकारी भूमि से गेंहू की चोरी के मामले में पकड़ा गया और उसे जेल भेज दिया गया। वह हल्द्वानी जेल में निरूद्ध रहा। उसे शक था कि खनन में घाटा व चोरी के मामले में उसे केबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने जेल भेजा है। उसने श्री बहुगुणा को रास्ते से हटाने की योजना बनायी।
जेल में वह पहले से बंद अपराधी सतनाम सिंह उर्फ संता से मिला और उसे पूरी कहानी बतायी। संता ने उसे जेल से बाहर निकलने पर हरभजन सिंह व मो0 अजीज उर्फ गुड्डू का पता देकर काम होने का भरोसा दिलाया। जब हीरा सिंह जेल से बाहर आया तो योजना के मुताबिक हरभजन सिंह ने उसे मो0 अजीज से मिलवाया और 20 लाख रुपये में सौदा तय हो गया। एडवांस के तौर पर 5.75 लाख रुपये भी दे दिये गये।
इस दौरान आरोपी हीरा सिंह मंत्री सौरभ बहुगुणा की रेकी करने लगा। वह उनके कार्यक्रमों व सभाओं में जाकर पूरी जानकारी जुटाता रहा और मो0 अजीज तक सूचना देता रहा लेकिन वे अपनी चाल में कामयाब नहीं हो पाये।
इस दौरान लंबा समय बीतने के बाद बात खुल गयी और पुलिस तक बात पहुंच गयी। पुलिस सतर्क हो गयी। मंत्री के स्टाफ उमा शंकर की ओर से आरोपियों के खिलाफ सितारगंज थाना में नामजद रिपोर्ट दर्ज करायी गयी।
पुलिस ने तत्काल कार्यवाही करते हुए चारों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मो0 अजीज से 2.70 लाख रुपये व हीरा सिंह से भी कुछ धनराशि भी बरामद की है। चारों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई अमल में लायी जा रही है। पुलिस सभी आरोपियों के आपराधिक इतिहास को खंगालने में जुटी है।