मुख्य अभियंता (स्तर-1) से हटाया मुख्यालय भुगतान इकाई का नियंत्रण
…किंतु भ्रष्ट एसडीओ माजरा पर एक्शन में देरी, संदेहास्पद !
देहरादून। ऊर्जा विभाग के पिटकुल प्रभारी एमडी पीसी ध्यानी द्वारा बिगड़े हुए माहौल को सुधारने व सुचारू व्यवस्था हेतु जहां ताबड़तोड़ कदम उठाए जा रहे हैं वहीं भ्रष्टाचार के एक मामले में एक्शन से देरी कहीं न कहीं संदेहात्मक प्रतीत हो रहा है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि धामी शासन में भी राजनैतिक हस्तक्षेप अथवा अनुचित दबाव कुछ ज्यादा ही प्रभावशाली बना हुआ है जो विभागों के कार्यों के सुचारू संचालन में वाधक बन रहा है?
ज्ञात हो कि पूर्व प्रभारी एमडी द्वारा अपने एक खास चहेते मुख्य अभियंता को किसी खास बजह से कुछ अधिक ही दायित्व सौंप दिए गये थे जिनमें मुख्यालय की भुगतान इकाई का भी नियंत्रण महत्वपूर्ण माना जा रहा था। वर्तमान प्रभारी एमडी ध्यानी ने उक्त नियंत्रण को अपने अधीन लेते हुते उक्त जिम्मेदारी मुख्य अभियंता (स्तर-2) एस पी आर्या को अतिरिक्त जिम्मेदारी के रूप में सौंप दी तथा वित्त विभाग के सोलह अधिकारियों व कर्मचारियों सहित लेखा विभाग के पांच एवं हरिद्वार पदार्था में तीन अवर अभियंताओं व टीजी-2 को इधर से उधर किये जाने के आदेश जारी किये हैं।
ज्ञात हो कि विगत सप्ताह पूर्व हमारे द्वारा पिटकुल के ही परीक्षण एवं परिचालन डिवीजन, यमुना कालोनी के माजरा स्थित सब डिवीजन के एसडीओ सोहन पाल के विरुद्ध भ्रष्टाचार में संलिप्तता के एक वायरल हो रहे वीडियो पर समाचार प्रकाशित किया गया था।
3 नवम्बर को प्रकाशित समाचार….

उक्त वीडियो में स्पष्ट रूप से रिश्वत की वातचीत करते हुए किसी बिल्डर अथवा भूमाफिया को नियम विरुद्ध एनओसी दिए जाने का मामला उजागर हुआ था किंतु धुआंधार एक्शन के कार्यकाल में अब तक कोई कार्यवाही इस प्रकरण में दिखाई न पड़ने से संदेहात्मक स्थिति बनी हुई है तथा जबीं दबी जुबान से यह कानाफूसी जारी है कि राजनैतिक रसूखों का भी तो प्रभाव कुछ असर चलता है?
देखना यहां गौरतलब होगा कि एमडी ध्यानी का कछुआ की चाल से चल रहे इस भ्रष्टाचार के प्रकरण पर क्या एक्शन होता है?
देखिए वित्त एवं लेखाधिकारियों से सम्बंधित फेरबदल के आदेश…


