कश्मीर में लगातार वर्षा से चेरी फसल को करीब 55 प्रतिशत नुकसान

श्रीनगर। कश्मीर घाटी में लगातार वर्षा और आलोवृष्टि से चेरी की फसल को इस वर्ष करीब 55 प्रतिशत नुकसान हुआ है।स्थानीय किसानों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के गुटलीबाग के किसान सोनूबर खान ने ‘यूनीवार्ता’को बताया कि घाटी में पेड़ों से चेरी के फलों को तोड़ने और गत्ते के बक्सों में बाजारों में एक साथ आपूर्ति करने का काम जोरों पर है, जिसे मई के मध्य में बिक्री के लिए बाजार उतारा जाता है और यह सिलसिला जुलाई के मध्य तक चलता रहता है, लेकिन यहां रुक-रुक कर हो रही वर्षा और ओलावृष्टि तथा सामान्य तापमान से कम तापमान के कारण इस साल फसल को 55 प्रतिशत प्रभावित हुयी है।

किसान ने कहा कि शुरुआत में फसल अच्छी तरह से बढ़ रही थी लेकिन ओलावृष्टि और सामान्य से कम तापमान ने इस साल फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है।इस फल को उगाने के लिए मजदूरों, कीटनाशकों और खाद आदि पर बड़ी रकम खर्च की जाती है, लेकिन इस साल बगीचे पर खर्च की गई उचित राशि भी नहीं मिल सकती है। गांदरबल जिले की अधिकांश जनसंख्या चेरी फल पर निर्भर है। इस फल की बिक्री से उऩकी आजीविका बिना बाधा के सुचारू रूप जारी रहती है।इस साल के उत्पादन से उनकी आजीविका पर बुरा असर पड़ सकता है।

उसने कहा, “चेरी का फल हमारे बागों में पड़ा हुआ है और कोई इसे खरीदने नहीं आता। पिछले साल एक किलो के डिब्बे की कीमत 350 रुपए थी लेकिन इस साल कोई 100 रुपए में भी खरीदने को तैयार नहीं है। गांदरबल क्षेत्र की चेरी काफी लोकप्रिय है और लोग इसे पसंद करते हैं। कश्मीर में चेरी की चार किस्में होती हैं जिनमें डबल चेरी, मिश्री, वेलवेट और इटेलियन शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि चेरी फल स्वास्थ्य के लिए बहुत उपयोगी है क्योंकि यह व्यक्ति को कोरोना से बचाता है। इसके अलावा, रक्तचाप को बनाए रखने के अलावा व्यक्ति को विभिन्न संक्रमणों से बचाता है।”

सोनूबर ने कहा, “अगर प्रशासन आगामी अमरनाथ यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को रास्ते में रुकने की अनुमति देगा, तो चेरी फल को बेचने के लिए हमारे पास सुनहारा अवसर होगा, जो हमारे लिए बहुत फायदेमंद होगा।” उन्होंने दुख जताया कि खराब मौसम और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए अब तक कोई आधिकारिक टीम उनके पास नहीं आई है।

उल्लेखनीय है कि 62 दिवसीय वार्षिक अमरनाथ यात्रा एक जुलाई से कश्मीर हिमालय में शुरू होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *