अंकिता भंडारी हत्याकांड: पिता ने उठाईं पांच मांगें, राहुल गांधी ने न्याय की लड़ाई जारी रखने की बात कही

उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर एक बार फिर आवाज तेज हो गई है। अंकिता के माता-पिता अपनी बेटी को न्याय दिलाने और मामले से जुड़े कथित वीआईपी की भूमिका की जांच की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी परिवार से मुलाकात कर उनका समर्थन किया। राहुल गांधी ने कहा कि न्याय की लड़ाई न दबेगी और न रुकेगी।

 

पांच मांगों को लेकर परिवार ने उठाई आवाज

 

अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने मामले को लेकर पांच मांगें रखी हैं। परिवार की प्रमुख मांगों में कथित वीआईपी की पहचान उजागर करना और मामले से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाना शामिल है। इसके साथ ही परिवार ने दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाए हैं। परिजनों की मांग है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी एंगल की सीबीआई जांच पूरी होने तक उनकी नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।

 

परिवार का कहना है कि उनकी बेटी को न्याय दिलाने के लिए मामले के हर पहलू की निष्पक्ष जांच जरूरी है। कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों के बीच परिजन चाहते हैं कि जांच में सभी तथ्यों को स्पष्ट किया जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई हो।

 

इंडिया गेट पर धरने पर बैठे अंकिता के माता-पिता

 

अपनी मांगों को लेकर अंकिता के माता-पिता दिल्ली के इंडिया गेट पर धरने पर बैठ गए। परिवार के इस कदम के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी परिवार से मुलाकात की और उनकी मांगों के प्रति समर्थन जताया। परिवार अपनी बेटी को न्याय दिलाने और मामले से जुड़े अनुत्तरित सवालों के जवाब मिलने तक संघर्ष जारी रखने की बात कह रहा है।

 

पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान लिया हिरासत में

 

15 अक्टूबर की सुबह दिल्ली में धरने के दौरान पुलिस ने अंकिता के माता-पिता और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई। परिवार की मांगों और धरने को लेकर लोगों का ध्यान एक बार फिर अंकिता भंडारी हत्याकांड की ओर गया।

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