हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार में राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (SIB) ने फार्मा कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की है। सिडकुल और भगवानपुर क्षेत्र की सात फार्मा इकाइयों के कर संबंधी अभिलेखों की जांच में इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के दावों में विसंगतियां सामने आईं। कार्रवाई के दौरान कंपनियों से कुल 3.07 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा कराई गई।
ITC दावों की जांच में मिलीं विसंगतियां
अपर आयुक्त गढ़वाल जोन डीएस नबियाल के अनुसार, आयुक्त राज्य कर प्रतीक जैन के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। एसआईबी की टीमों ने जीएसटी पोर्टल, ई-वे बिल और बीआईएफए पोर्टल के आंकड़ों का विश्लेषण कर संदिग्ध मामलों की पहचान की थी।
जांच के दौरान मोटर वाहनों की खरीद, सिविल निर्माण कार्यों और निशुल्क मेडिकल सैंपल समेत विभिन्न मदों में लिए गए ITC की पात्रता की जांच की गई। विभाग के मुताबिक, सातों इकाइयों के दावों में विसंगतियां मिलीं और संबंधित मदों में अपात्र पाए गए ITC के मामलों में कार्रवाई की गई।
दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त
कार्रवाई के दौरान विभाग ने जीएसटी से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड भी जब्त किए। जांच में संबंधित कंपनियों के अभिलेखों और पोर्टलों पर उपलब्ध आंकड़ों का मिलान किया गया। कार्रवाई में संयुक्त आयुक्त एसआईबी हरिद्वार राजेंद्र लाल वर्मा, उपायुक्त कार्तिकेय वर्मा समेत विभाग के अन्य अधिकारी शामिल रहे। विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य कर संबंधी अनियमितताओं की पहचान करना और जीएसटी नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।