देहरादून: राजधानी देहरादून के एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल में छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया है। मामले में पीड़िता ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ पुलिस को तहरीर दे दी है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं, मामले में अब तक कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए एनएसयूआई से जुड़े छात्रों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई।
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की पहल के बाद दी तहरीर
मामले के सामने आने के बाद जिला प्रशासन की ओर से गठित चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने छात्रा और उसके अभिभावकों से संपर्क किया। अधिकारियों के अनुसार, सामाजिक परिस्थितियों और मर्यादा को देखते हुए शुरुआत में पीड़ित पक्ष सामने आने से हिचक रहा था। कमेटी की ओर से समझाने और सहयोग का भरोसा दिलाने के बाद छात्रा ने पुलिस को लिखित शिकायत दी।
सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने संबंधित बच्चों और उनके अभिभावकों से बातचीत की। इसके बाद पीड़ित पक्ष की ओर से तहरीर दी गई है। उन्होंने बताया कि शिकायत के आधार पर पुलिस की ओर से संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया की जा रही है।
स्कूल के बाहर एनएसयूआई से जुड़े छात्रों का प्रदर्शन
मामले को लेकर स्कूल के बाहर छात्र संगठनों से जुड़े लोगों ने प्रदर्शन किया। एनएसयूआई से जुड़े छात्रों ने आरोप लगाया कि मामले में अब तक पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई है और आरोपी शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने में देरी की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठाए और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।सिटी मजिस्ट्रेट के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान स्कूल प्रबंधन की ओर से सहयोग नहीं किए जाने की बात भी सामने रखी गई। मामले में प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई पर नजर रखी जा रही है।
आरोपी शिक्षक ने सोशल मीडिया पर रखा अपना पक्ष
इस मामले में स्कूल के फिजिक्स शिक्षक पर छात्रा के साथ कथित तौर पर अनुचित स्पर्श करने का आरोप लगाया गया है। वहीं, आरोपी शिक्षक ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि उनके 25 साल के करियर में पहली बार उन पर इस तरह के आरोप लगे हैं।फिलहाल, मामले में पुलिस की कार्रवाई और जांच अहम है। आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। छात्रा की पहचान और उसकी निजता को सुरक्षित रखना भी जरूरी है।