गंगा में स्नान और पूजन के लिए जाना शनिवार को 30 से अधिक श्रद्धालुओं के लिए मुसीबत बन गया। अचानक गंगा की धारा का प्रवाह तेज होने से श्रद्धालु बीच धारा में स्थित टापू पर फंस गए। श्रद्धालुओं को तेज बहाव के बीच फंसा देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
नीलधारा में अचानक बढ़ा पानी का प्रवाह
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 11 बजे 30 से अधिक श्रद्धालु दीनदयाल पार्किंग के ठीक सामने नीलधारा की ओर गंगा में स्नान और पूजन के लिए गए थे। इसी दौरान गंगा की दाहिनी धारा में अचानक पानी का प्रवाह बढ़ गया। तेज बहाव के कारण श्रद्धालु बीच धारा में स्थित टापू पर फंस गए और उनके लिए वापस लौटना मुश्किल हो गया।
एसडीआरएफ और एनडीआरएफ ने संभाला मोर्चा
श्रद्धालुओं के गंगा की तेज धारा में फंसे होने की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। टीमों ने स्थिति का जायजा लेते हुए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली।
गंगा में अचानक बढ़े जल प्रवाह के बीच श्रद्धालुओं के फंसने की घटना ने एक बार फिर नदी में स्नान और पूजन के दौरान सतर्कता बरतने की जरूरत को उजागर किया है।