जंगलों में वन्यजीवों की सुरक्षा का दावा करने वाले वन विभाग के अपने ही कार्यालय में वन्यजीव अंगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। एक रेंज कार्यालय के स्टोर में रखे हाथी के पांच दांत गायब होने का मामला सामने आया है। करीब 35 किलो वजन के इन दांतों के गायब होने की भनक तक विभागीय अधिकारियों को नहीं लगी। मामले में शासन ने वन मुख्यालय से रिपोर्ट तलब की है।
वन विभाग का रेंज कार्यालय सुरक्षा व्यवस्था से लेकर पौधरोपण और वन अपराधों में मुकदमा दर्ज करने तक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाता है। ऐसे संवेदनशील कार्यालय के स्टोर से हाथी के पांच दांत गायब होने की घटना ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वन्यजीवों के अंगों की सुरक्षा में लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2023 में रामनगर वन प्रभाग की टीम ने एक तस्कर से हाथी का दांत बरामद किया था। पूछताछ के दौरान तस्कर ने कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की गोजुडा चौकी में अवैध रूप से हाथी के दांत रखे होने की जानकारी दी थी।
इसके बाद टीम ने चौकी पर पहुंचकर हाथी के दांत के दो टुकड़े और उन्हें काटने वाला पाटल बरामद किया था। मामले में एक बीट वॉचर को पकड़ा गया था। इस प्रकरण में कई अन्य आरोपी भी पुलिस और वन विभाग की गिरफ्त में आए थे।
इस घटना के बाद कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था में खामियों का मामला सामने आया था। अब रेंज कार्यालय के स्टोर से हाथी के पांच दांत गायब होने की घटना ने एक बार फिर वन विभाग की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वन मुख्यालय से रिपोर्ट मांगी है। अब रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हाथी के दांत कब और किन परिस्थितियों में गायब हुए तथा इस मामले में किसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी।