दिल्ली: संसद के बजट सत्र के तीसरे दिन बुधवार को राज्यसभा की बैठक लगभग एक वर्ष के बाद निर्बाध रुप से चली और अपने सभी निर्धारित कामकाज को पूरा किया।
सदन की बैठक आज सुबह दस बजे शुरू हुई जो अपराह्न तीन बजे तक चली। इस दौरान सभपति एम. वेंकैया नायडू ने अपना प्रारंभिक संबोधन दिया और इसके बाद शून्यकाल और प्रश्नकाल को बखूबी निपटाया गया। काेरोना संकट के कारण आम दिनों में चलने वाली शून्यकाल की कार्यवाही को एक घंटे से घटाकर आधे घंटे का कर दिया गया है जबकि जन सरोकार से जुड़े प्रश्नकाल पहले की तरह एक घंटे तक चला। इसके बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद के प्रस्ताव पर चर्चा सुचारु रुप से चली। इस दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपना वक्तत्व दिया। विपक्ष के नेता के पूरे भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में उपस्थित रहे।
काेरोना महामारी के कारण सांसदों बैठने की नयी व्यवस्था की गयी है जिसके कारण राज्यसभा के कुछ सदस्य लोकसभा कक्ष और दीर्घाओं में बैठते हैं। लोकसभा की कार्यवाही राज्यसभा की कार्यवाही समाप्त होने के बाद चार बजे आरंभ हुई।
राज्यसभा की बैठक लगातार चार सत्राें के दौरान 41 बैठकों के बाद बाधारहित रही। सदन की पिछली निर्बाध बैठक पिछले बजट सत्र के दौरान 19 मार्च 2021 को हुई थी। यह राज्यसभा का 253 वां सत्र था। हालांकि 13 दिसंबर 2021 को भी निजी सदस्यों के विधायी कामकाज के दौरान भी सदन की बैठक निर्बाध रही थी। इस दौरान सदन में साधारण तौर पर शोर शराबा नहीं होता है।
