रूद्रपुर/नैनीताल। उत्तराखंड सरकार ने कहा कि राष्ट्रीय कृषि सरकारी विपणन संघ (नेफेड) को प्रदेश में कहीं भी धान क्रय करने की अनुमति न दी जाए। सरकार धान की खरीद के लिए नई एजेंसी की व्यवस्था करेगी।
प्रदेश की खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों की मंत्री रेखा आर्य ने सोमवार को उधमसिंह नगर के रुद्रपुर में किसानों और राइस मिलर्स के साथ बैठक के बाद यह निर्णय लिया है।
धान खरीद को लेकर 2022-23 की समीक्षा बैठक के दौरान किसानों और राइस मिलर्स की ओर से मंत्री को बताया गया कि नेफेड द्वारा किसानों को समय से फसल का भुगतान नहीं किया जाता है। इसलिये उसे धान क्रय की अनुमति न दी जाए। जिस पर मंत्री आर्य ने तत्काल निर्णय लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि नेफेड को कहीं भी धान क्रय करने की अनुमति न दी जाए। उसके स्थान पर नयी एजेंसी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। किसानों की ओर से इस दौरान अन्य राज्यों की तरह अतिरिक्त तीन फीसदी नमी बढ़ाने और बरसात के कारण धान की फसल को हुए नुकसान के लिए मुआवजा दिलाने की मांग भी की गई।
इस पर मंत्री ने आश्वासन देते हुये कहा कि शासन स्तर पर वार्ता के पश्चात किसानों के हित में आवश्यक कदम उठाया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों को नुकसान के सर्वे के निर्देश भी दिये। उन्होंने धान क्रय करने वाली एजेसिंयों और आढ़तियों को भी धान खरीद में किसानों को अनावश्यक परेशान न करने तथा समय पर भुगतान की हिदायत भी दी।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसान हमारे अन्नदाता हैं और उन्हें कोई दिक्कत पेश नहीं आने दी जायेगी। इस दौरान प्रशासन की ओर से संज्ञान में लाया गया कि जिले में 200 धान क्रय केन्द्र खोले गये हैं। अभी तक 1738.770 टन धान क्रय किया जा चुका है। इस अवसर पर राज्य किसान आयोग के उपाध्यक्ष राजपाल सिंह भी उपस्थित