उत्तराखंड विधानसभा के भराड़ीसैंण में मंगलवार को शीतकालीन सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ₹7,844.18 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया। इस बजट में किसानों, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, पेयजल, ऊर्जा, सड़क, खेल और सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया गया है। अनुपूरक बजट के बाद प्रदेश के कुल बजट का आकार बढ़कर ₹1,19,547.39 करोड़ हो जाएगा।
प्रदेश का मूल बजट ₹1,11,703.21 करोड़ का है। अनुपूरक बजट में ₹3,679.86 करोड़ राजस्व मद और ₹4,164.32 करोड़ पूंजीगत मद के लिए रखे गए हैं। सरकार ने इसके जरिए विभिन्न योजनाओं के संचालन के साथ बुनियादी ढांचे के विकास पर भी जोर दिया है।
किसानों से धान-गेहूं खरीद के लिए ₹1,100 करोड़
अनुपूरक बजट में किसानों के लिए अन्नपूर्ति योजना के तहत धान और गेहूं की खरीद के लिए ₹1,100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा उत्तराखंड जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना के लिए ₹70 करोड़, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना के लिए करीब ₹35 करोड़ और दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के लिए ₹20 करोड़ रखे गए हैं। गोसदन निर्माण के लिए करीब ₹9 करोड़ और नई मौन पालन नीति के लिए ₹1 करोड़ का प्रावधान भी किया गया है।
दिव्य कुंभ और पेयजल परियोजनाओं को मिलेगी धनराशि
धार्मिक पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आगामी दिव्य कुंभ की व्यवस्थाओं के लिए विभिन्न मदों में करीब ₹290 करोड़ रखे गए हैं। वहीं, हरिद्वार-गंगा कॉरिडोर परियोजना के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए ₹30 करोड़ का पूंजीगत प्रावधान किया गया है।
गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना के लिए ₹122 करोड़, पेयजल विभाग की केएफडब्ल्यू परियोजना के लिए करीब ₹110 करोड़ और जल जीवन मिशन के तहत ठेकेदारों के बकाया भुगतान के लिए ₹300 करोड़ रखे गए हैं। शहरी विकास विभाग की एडीबी पोषित योजनाओं के लिए भी करीब ₹100 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल कॉलेजों पर फोकस
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए अटल आयुष्मान योजना के तहत ₹100 करोड़ और कर्मचारियों की गोल्डन कार्ड योजना के लिए ₹125 करोड़ रखे गए हैं। चिकित्सा शिक्षा के अंतर्गत पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेजों के साथ नर्सिंग कॉलेजों के लिए पूंजीगत मद में करीब ₹160 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
ऊर्जा क्षेत्र में खुरपिया फार्म परियोजना सहित वितरण व्यवस्था के लिए करीब ₹270 करोड़ रखे गए हैं। पुलिस विभाग के आवासीय और अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए ₹55 करोड़, न्यायिक बुनियादी ढांचे के लिए ₹22 करोड़ और जोशीमठ सहित अन्य स्थानों पर भू-धंसाव से जुड़े कार्यों के लिए ₹48 करोड़ का प्रावधान किया गया है। नए स्टेट डेटा सेंटर के निर्माण के लिए भी ₹40 करोड़ रखे गए हैं।
डिजिटल शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और खेलों को बढ़ावा
शिक्षा क्षेत्र में विद्यालयी और उच्च शिक्षा के तहत डिजिटल लर्निंग के लिए ₹200 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना के तहत नीट, जेईई और क्लैट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग पर ₹5 करोड़ रखे गए हैं।
खेलों को बढ़ावा देने के लिए खिलाड़ियों के विशेष प्रशिक्षण शिविर के लिए ₹8 करोड़, ओपन जिम की स्थापना के लिए ₹5 करोड़ और खेल विश्वविद्यालय के लिए करीब ₹35 करोड़ का प्रावधान किया गया है। खिलाड़ियों की छात्रवृत्ति के लिए करीब ₹5.50 करोड़, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेताओं को पुरस्कार देने के लिए ₹15 करोड़ और चंपावत में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए ₹10 करोड़ रखे गए हैं।
पेंशन और महिला कल्याण योजनाओं के लिए भी बजट
सामाजिक कल्याण के तहत विभिन्न कल्याणकारी पेंशन योजनाओं के लिए करीब ₹93 करोड़ और निराश्रित विधवा पेंशन के लिए करीब ₹27 करोड़ रखे गए हैं। भोजन माताओं के मानदेय के लिए ₹20 करोड़, सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 के लिए करीब ₹60 करोड़ और मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के लिए करीब ₹2 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
स्थानीय निकायों को मजबूत करने के लिए राज्य के कर राजस्व में उनकी हिस्सेदारी 10.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। इसके लिए ₹721 करोड़ रखे गए हैं।
सड़कों और औद्योगिक विकास पर भी जोर
लोक निर्माण विभाग के तहत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) की सड़कों के रखरखाव के लिए ₹31 करोड़ और ग्राम्य विकास विभाग के तहत पीएमजीएसवाई के लिए ₹30 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वहीं, मेगा इंडस्ट्रियल नीति के तहत अनुदान योजना के लिए ₹12 करोड़ रखे गए हैं।
कुल मिलाकर, धामी सरकार के अनुपूरक बजट में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, धार्मिक पर्यटन और सामाजिक कल्याण सहित कई क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया गया है। अब इन घोषणाओं का वास्तविक लाभ लोगों तक पहुंचाने में विभागों की कार्यप्रणाली और योजनाओं के क्रियान्वयन की अहम भूमिका होगी।