उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रदेश प्रधान संगठन ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर 27 अक्टूबर को विधानसभा घेराव की घोषणा की है। संगठन का दावा है कि इस प्रदर्शन में प्रदेश के विभिन्न जिलों और ब्लॉकों से बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान और पदाधिकारी शामिल होंगे।

ग्राम पंचायतों के अधिकार सीमित करने का विरोध
प्रधान संगठन के गैरसैंण ब्लॉक अध्यक्ष मनोज नेगी के अनुसार, ग्राम प्रधान लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इससे पहले देहरादून में सचिवालय कूच के दौरान सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, लेकिन संगठन का आरोप है कि अब तक शासन स्तर पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे ग्राम प्रधानों में नाराजगी बढ़ रही है।
संगठन के मुताबिक, नए पंचायत भवनों के निर्माण, पुनर्निर्माण और सुधारीकरण से जुड़े कार्य ग्राम पंचायतों से लेकर अन्य सरकारी कार्यदायी संस्थाओं को सौंपने का निर्णय भी विरोध की प्रमुख वजह है। ग्राम प्रधानों का कहना है कि इससे पंचायतों के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार प्रभावित होंगे तथा पंचायती राज व्यवस्था कमजोर होगी।
क्रीड़ा मैदान से विधानसभा तक कूच की तैयारी
संगठन की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, 27 अक्टूबर को सुबह 11 बजे ग्राम प्रधान, ब्लॉक और जिला अध्यक्ष तथा प्रांतीय पदाधिकारी गैरसैंण के क्रीड़ा मैदान में एकत्रित होंगे। यहां सभा के बाद दोपहर एक बजे विधानसभा भराड़ीसैंण की ओर रैली निकालकर घेराव किया जाएगा।
प्रधान संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी 10 सूत्रीय मांगों पर तत्काल शासनादेश जारी नहीं किया गया और पंचायतों के अधिकारों को लेकर समाधान नहीं निकाला गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संगठन ने इसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराने की बात कही है।
कांग्रेस भी सरकार के खिलाफ करेगी प्रदर्शन
इधर, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर कांग्रेस ने भी 27 अक्टूबर को भराड़ीसैंण में विधानसभा घेराव का कार्यक्रम रखा है। पार्टी ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, सड़कों की बदहाली, पेयजल संकट, शिक्षा व्यवस्था और गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने जैसे मुद्दों को प्रदर्शन का प्रमुख आधार बनाया है।
इसके अलावा कांग्रेस पेपर लीक प्रकरण, अंकिता भंडारी हत्याकांड, भ्रष्टाचार, अग्निपथ योजना तथा महिलाओं और दलितों के खिलाफ उत्पीड़न के मामलों को लेकर भी सरकार को घेरने की तैयारी में है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इन मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं से विधानसभा घेराव में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। इसके साथ ही कांग्रेस ने एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर प्रदर्शन करने का भी ऐलान किया है।
भराड़ीसैंण में प्रशासन अलर्ट
विधानसभा सत्र और प्रस्तावित प्रदर्शनों को देखते हुए प्रशासन ने भराड़ीसैंण क्षेत्र में धारा 163 लागू कर दी है। ऐसे में क्षेत्र में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होगी। ग्राम प्रधानों और कांग्रेस के प्रस्तावित प्रदर्शनों के बीच अब सरकार की प्रतिक्रिया और आंदोलन की आगे की स्थिति पर नजर रहेगी।