रामनगर: उत्तराखंड के रामनगर स्थित पुछड़ी गांव में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए शनिवार सुबह बड़ी कार्रवाई की गई। प्रशासन, वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने सुबह पांच बजे से बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण ध्वस्त करना शुरू किया। 14 सेक्टर में एक साथ कार्रवाई करते हुए करीब पांच हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। कार्रवाई के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके से वापस लौटने लगे हैं, जबकि मीडिया को अब भी घटनास्थल से एक किलोमीटर पहले ही रोक दिया गया है।
पुछड़ी गांव में अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने पहले से ही व्यापक तैयारियां की थीं। सुबह चार बजे राजकीय महाविद्यालय से पुलिस, वन विभाग और प्रशासन के अधिकारी व कर्मचारी एक साथ गांव के लिए रवाना हुए। पांच बजे से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई। पुछड़ी जाने वाले मार्ग पर पुलिसकर्मियों की तैनाती कर लोगों की आवाजाही नियंत्रित की गई।
14 सेक्टर में एक साथ चला बुलडोजर
अतिक्रमण हटाने के लिए क्षेत्र को दो सुपर जोन, सात जोन और 14 सेक्टर में विभाजित किया गया था। अलग-अलग स्थानों पर एक साथ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। इस दौरान कच्चे और पक्के निर्माणों को ध्वस्त किया गया। कई लोगों ने कार्रवाई से पहले ही रात में अपना सामान समेट लिया था। कुछ स्थानों पर ध्वस्तीकरण के बाद मलबा बराबर करने का काम भी किया गया।
कार्रवाई के दौरान तीन लोगों की तबीयत बिगड़ी
पुछड़ी में अतिक्रमण हटाने के दौरान घर में मौजूद समसाद चोटिल हो गया। वहीं, मोमिना पत्नी जाहिद और फातमा पत्नी रियासत की तबीयत बिगड़ गई। तीनों को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल लाया गया।
चिकित्सकों के अनुसार, दोनों महिलाओं का ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी थी। अस्पताल में उनका उपचार किया गया।
सुरक्षा के लिए 525 पुलिसकर्मी तैनात
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। पांच एसपी स्तर के अधिकारियों, छह सीओ, 25 निरीक्षकों, 82 उपनिरीक्षकों समेत कुल 525 पुलिसकर्मियों और तीन कंपनी पीएसी को तैनात किया गया था। क्षेत्र में छह बैरियर भी बनाए गए।एसपी डॉ. जगदीश चंद्र को कार्रवाई का प्रभारी बनाया गया था। तीन अपर पुलिस अधीक्षक और छह क्षेत्राधिकारी अलग-अलग जोन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। यातायात व्यवस्था के लिए भी अलग से पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई थी।