हल्द्वानी के जीजीआईसी में सीडीओ का औचक निरीक्षण, मिड-डे मील की गुणवत्ता पर उठे सवाल

पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) हल्द्वानी में शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) नैनीताल अरविंद कुमार पांडे ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मिड-डे मील की खराब गुणवत्ता, लाइब्रेरी की बदहाल स्थिति, खेल मैदान में अव्यवस्थाओं और आईटी लैब में बिजली कनेक्शन नहीं होने जैसी गंभीर कमियां सामने आईं। व्यवस्थाओं में लापरवाही पर सीडीओ ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी और मुख्य शिक्षा अधिकारी नैनीताल भी मौजूद रहे।

मिड-डे मील में खराब चावल, गुणवत्ता सुधारने के निर्देश

सीडीओ ने सबसे पहले विद्यार्थियों को परोसे जाने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता जांची। इस दौरान भोजन में इस्तेमाल किए जा रहे चावल की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई। इस पर सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए डीएसओ को तत्काल उच्च गुणवत्ता का चावल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

डेढ़ करोड़ की लाइब्रेरी में फर्नीचर तक नहीं

कॉलेज की लाइब्रेरी के निरीक्षण में भी कई अनियमितताएं सामने आईं। जिस स्थान पर लाइब्रेरी संचालित होनी चाहिए थी, वहां प्रशासनिक भवन और प्रधानाचार्य का कार्यालय संचालित हो रहा था। वहीं, प्रधानाचार्य का वास्तविक कार्यालय कक्षाओं के बीच बनाया गया था।

लाइब्रेरी में किताबें अव्यवस्थित तरीके से बाहर पड़ी मिलीं। पूछताछ में पता चला कि खनन न्यास कोष (डीएमएफ) से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से लाइब्रेरी का कार्य कराया गया है, लेकिन इसके लिए फर्नीचर तक उपलब्ध नहीं है। जो फर्नीचर आया था, उसे स्टाफ रूम में लगा दिया गया।

लाइब्रेरियन पूर्णिमा आर्या ने बताया कि उन्हें यहां तैनात हुए दो महीने हो चुके हैं, लेकिन पूर्व में तैनात संगीता, जो वर्तमान में जीआईसी बनभूलपुरा में कार्यरत हैं, ने अभी तक उन्हें चार्ज नहीं सौंपा है।

इस पर सीडीओ ने फोन पर संगीता से बात कर शनिवार को ही चार्ज हस्तांतरित करने के निर्देश दिए। साथ ही सीएसआर फंड के माध्यम से लाइब्रेरी में फर्नीचर की व्यवस्था करने और मुख्य शिक्षा अधिकारी को लाइब्रेरी का संचालन व्यवस्थित करने के निर्देश दिए।

 

बदहाल खेल मैदान, हॉकी खेलने की इच्छुक छात्रा को मिलेगी किट

कॉलेज के खेल मैदान में बड़ी-बड़ी घास और गड्ढे पाए गए। सीडीओ ने खेल शिक्षक को मैदान की घास कटवाने और गड्ढों को तत्काल भरवाने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थी खेल गतिविधियों में हिस्सा लेकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग कर सकें।

 

निरीक्षण के दौरान एक भावुक क्षण भी सामने आया। सीडीओ ने जब एक छात्रा से उसकी रुचि के बारे में पूछा, तो उसने बताया कि वह हॉकी खेलना चाहती है, लेकिन उसके पास न खेलने के लिए उचित मैदान है और न ही हॉकी स्टिक। छात्रा ने यह भी बताया कि उसके पिता नहीं हैं।

 

छात्रा की बात सुनकर सीडीओ ने संवेदनशीलता दिखाते हुए जिला क्रीड़ा अधिकारी को उसका नामांकन कराने के निर्देश दिए। साथ ही, अपनी ओर से छात्रा को हॉकी किट उपलब्ध कराने की घोषणा की।

 

 

 

आईटी लैब में बिजली कनेक्शन नहीं, तीन दिन में सुधार के निर्देश

सीडीओ ने कॉलेज की आईटी लैब का भी निरीक्षण किया। यहां आउटसोर्स के माध्यम से तैनात शिक्षिका मीनाक्षी बुदलाकोटी मौजूद थीं। कंप्यूटर जांचने पर बंद मिले। शिक्षिका ने बताया कि लैब में अभी तक बिजली का कनेक्शन ही नहीं दिया गया है।

 

इस पर सीडीओ ने गहरी नाराजगी जताते हुए इसे घोर लापरवाही और बच्चों की शिक्षा के साथ भद्दा मजाक करार दिया। उन्होंने प्रधानाचार्य को तीन दिन के भीतर बिजली कनेक्शन चालू कराने के सख्त निर्देश दिए।

 

25 नवंबर तक सभी कमियां दूर करने की डेडलाइन

निरीक्षण के अंत में सीडीओ ने विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी शिक्षा और भविष्य को लेकर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता हासिल करने के टिप्स भी दिए।

 

सीडीओ ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि वे स्वयं सभी कमियों पर नजर रखें और 25 नवंबर तक उनका शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *