देहरादून। उत्तराखंड में राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया नए सॉफ्टवेयर पर स्थानांतरण के दौरान करीब दो माह तक प्रभावित रही। अब मई 2026 से नए एकीकृत सॉफ्टवेयर पर नियमित काम शुरू हो गया है। वहीं, हरिद्वार जिले में अब तक 10,89,163 पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। यह जानकारी खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने विधानसभा के तृतीय सत्र में विधायक उमेश कुमार के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
नए सॉफ्टवेयर से राशन कार्ड प्रबंधन
मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की स्मार्ट पीडीएस योजना के तहत राशन कार्ड प्रबंधन के लिए नया एकीकृत सॉफ्टवेयर यूआरसीएमएस लागू किया गया है। पुराने आरसीएमएस सॉफ्टवेयर से नए सिस्टम में स्थानांतरण की प्रक्रिया 26 फरवरी से 30 अप्रैल 2026 तक चली। इस दौरान डाटा माइग्रेशन, यूजर क्रिएशन, भूमिका आवंटन, प्रशिक्षण और परीक्षण जैसे कार्य किए गए। मई से नए सॉफ्टवेयर पर नियमित काम शुरू कर दिया गया है।
आयुष्मान कार्ड के लिए ऑनलाइन सुविधा
खाद्य विभाग ने राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण को एपीआई के माध्यम से राशन कार्ड के डाटा का पूरा एक्सेस उपलब्ध कराया है। हरिद्वार में अब तक 10,89,163 पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। पात्र लाभार्थी राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के पोर्टल beneficiary.nha.gov.in या नजदीकी जन सेवा केंद्र के माध्यम से कार्ड बनवा सकते हैं।