देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 से पहले हरिद्वार जिले की खानपुर विधानसभा सीट पर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। निर्दलीय विधायक उमेश कुमार के विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफे के ऐलान के बाद इस सीट को लेकर राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा शुरू हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने खानपुर से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है, वहीं पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने भाजपा से खानपुर और लक्सर दोनों सीटों पर टिकट की दावेदारी पेश की है। ऐसे में खानपुर आगामी विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की चर्चित सीटों में शामिल हो गई है।
उमेश कुमार की अलग राजनीतिक राह बनाने की तैयारी
खानपुर के निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने 28 अक्टूबर को विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान किया था। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा भी सौंपा। उमेश कुमार ने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों में किसानों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर उन्हें विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस का अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।
वहीं, उनके बयानों से अपनी अलग राजनीतिक पहचान स्थापित करने की रणनीति के संकेत मिल रहे हैं। उमेश कुमार ने कांग्रेस और भाजपा में शामिल होने की अटकलों को खारिज करते हुए अपनी जन निर्माण पार्टी को मजबूत करने की बात कही है। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव में आठ से दस सीटों पर प्रत्याशी उतारने की योजना भी जाहिर की है। ऐसे में उनका अगला राजनीतिक कदम खानपुर के साथ प्रदेश की अन्य सीटों के समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है।
हरीश रावत की इच्छा से कांग्रेस में नई चर्चा
खानपुर की सियासत में कांग्रेस की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की संभावित दावेदारी ने भी दिलचस्पी बढ़ा दी है। रावत ने कहा है कि खानपुर के लोगों ने उनसे यहां से चुनाव लड़ने का आग्रह किया है। हालांकि, उन्होंने अंतिम निर्णय कांग्रेस नेतृत्व पर छोड़ते हुए कहा कि पार्टी जहां से चुनाव लड़ने को कहेगी, वह उसके अनुसार फैसला करेंगे।
रावत की इस इच्छा के बाद सवाल उठने लगे हैं कि कांग्रेस खानपुर में उन्हें उम्मीदवार बनाएगी या किसी स्थानीय चेहरे पर भरोसा जताएगी। फिलहाल पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
इस संभावित मुकाबले का एक पुराना राजनीतिक संदर्भ भी है। वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत की सरकार से जुड़े स्टिंग ऑपरेशन के बाद उमेश कुमार राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए थे। एक समय दोनों के बीच अच्छे संबंध बताए जाते थे, लेकिन इस घटनाक्रम के बाद उनके बीच राजनीतिक दूरियां बढ़ गईं। ऐसे में 2027 के चुनाव में दोनों की संभावित भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
चैंपियन की दावेदारी से भाजपा में भी हलचल
दूसरी ओर, पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने खानपुर और लक्सर दोनों विधानसभा सीटों से भाजपा का टिकट मांगा है। खानपुर से उनका पुराना राजनीतिक जुड़ाव रहा है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उनकी पत्नी देवयानी सिंह भाजपा की उम्मीदवार थीं, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी उमेश कुमार ने जीत दर्ज की थी। देवयानी सिंह उस चुनाव में तीसरे स्थान पर रही थीं।
अब उमेश कुमार के इस्तीफे के बाद चैंपियन की दावेदारी ने भाजपा के स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को भी चर्चा में ला दिया है। क्षेत्र में भाजपा के अन्य नेता भी चुनावी तैयारी में जुटे हैं। ऐसे में पार्टी के टिकट को लेकर आने वाले समय में प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है।
पुराने राजनीतिक टकराव का भी दिख सकता है असर
खानपुर की राजनीति में उमेश कुमार और कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के बीच पुराना राजनीतिक टकराव भी अहम माना जाता रहा है। ऐसे में 2027 के चुनाव में यह देखना दिलचस्प होगा कि उमेश कुमार अपनी पार्टी के जरिए किस तरह चुनावी मैदान में उतरते हैं और कांग्रेस व भाजपा किस चेहरे पर दांव लगाती हैं।फिलहाल उमेश कुमार के इस्तीफे, हरीश रावत की चुनाव लड़ने की इच्छा और चैंपियन की टिकट दावेदारी ने खानपुर विधानसभा सीट को प्रदेश की राजनीति के केंद्र में ला दिया है। हालांकि, सभी दलों के उम्मीदवारों और चुनावी रणनीति को लेकर अंतिम तस्वीर अभी सामने आनी बाकी है।