उत्तराखंड में नवंबर से तेज होगी चुनावी तैयारी, 12 नवंबर को जारी होगा मतदाता सूची का ड्राफ्ट; 16 से शुरू होगी डिजिटल जनगणना

देहरादून: उत्तराखंड में नवंबर महीने से दो बड़े अभियान शुरू होने जा रहे हैं। एक ओर निर्वाचन विभाग आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को आगे बढ़ाते हुए मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) की प्रक्रिया शुरू करेगा। वहीं, दूसरी ओर प्रदेश में डिजिटल जनगणना के तहत स्व-गणना का मौका मिलेगा। 12 नवंबर को मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी होगा, जबकि 16 नवंबर से लोग घर बैठे अपनी और परिवार की जनगणना संबंधी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।

12 नवंबर से मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का मौका

उत्तराखंड में 12 नवंबर से मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके तहत उन लोगों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का मौका मिलेगा, जिनका नाम सूची में शामिल नहीं है या विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कट गया है।इसके अलावा 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र नागरिक भी अपना वोट बनवा सकेंगे। इसके लिए फॉर्म-6 भरकर आवेदन किया जा सकता है। मतदाता सूची में नाम, पता या अन्य विवरण में त्रुटि होने पर सुधार भी कराया जा सकेगा।मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से 12 नवंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी। इसके बाद पात्र नागरिक 11 दिसंबर तक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।

एक अप्रैल, जुलाई और अक्टूबर को 18 वर्ष पूरे करने वालों को भी मौका

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि पहली अप्रैल, पहली जुलाई या पहली अक्टूबर को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए अग्रिम आवेदन कर सकते हैं।मतदाता पंजीकरण में सहायता के लिए जिला स्तर पर सहायता केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से विशेष रूप से प्रवासी, कमजोर और वंचित वर्गों के लोगों को मदद उपलब्ध कराई जाएगी।निर्वाचन विभाग के अनुसार, अगले साल चार जनवरी को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

16 नवंबर से शुरू होगी डिजिटल स्व-गणना

प्रदेश में जनगणना की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। निदेशक जनगणना इवा आशीष श्रीवास्तव के अनुसार, 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक डिजिटल स्व-गणना की प्रक्रिया चलेगी।इस दौरान लोग ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से खुद अपनी और अपने परिवार की जनगणना संबंधी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद एक दिसंबर से चार जनवरी 2027 तक प्रदेशभर में घर-घर जाकर जनगणना की जाएगी।

मोबाइल ऐप और डिजिटल उपकरणों से जुटाया जाएगा डाटा

यह देश की पहली डिजिटल जनगणना है। इसके तहत मोबाइल ऐप और डिजिटल उपकरणों के माध्यम से आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। स्व-गणना की सुविधा से लोग घर बैठे अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।नवंबर में शुरू होने वाले इन दोनों अभियानों के तहत जहां मतदाता सूची को अपडेट किया जाएगा, वहीं जनगणना के लिए प्रदेशभर में परिवारों का डाटा जुटाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी।

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