आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए उत्तराखंड में भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान तेज होने लगा है। कांग्रेस जहां न्याय यात्रा, भूमि बचाओ अभियान और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर सरकार को घेर रही है, वहीं भाजपा भी मैदान से लेकर सोशल मीडिया तक जवाबी रणनीति अपनाती नजर आ रही है। इसी कड़ी में भाजपा ने अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को राजनीतिक प्रचार का माध्यम बनाया है।
भाजपा उत्तराखंड के सोशल मीडिया हैंडल पर इन दिनों ‘कांग्रेस का बिग बॉस’ नाम से AI वीडियो की एक सीरीज जारी की जा रही है। इन वीडियो में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं हरीश रावत, गणेश गोदियाल, हरक सिंह रावत और प्रीतम सिंह को निशाने पर लिया गया है। वीडियो के जरिए कांग्रेस के भीतर कथित गुटबाजी और आपसी खींचतान को दर्शाने की कोशिश की गई है।
बिग बॉस के अंदाज में दिखाए कांग्रेस के नेता
इन AI वीडियो में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं को किसी रियलिटी शो के अखाड़े में एक-दूसरे से भिड़ते, कुर्सियां खींचते और आपस में बहस करते हुए दिखाया गया है। वीडियो में बिग बॉस की तर्ज पर बैकग्राउंड म्यूजिक, सायरन और ड्रामैटिक आवाजों का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि, ये वास्तविक घटनाओं के फुटेज नहीं, बल्कि AI तकनीक से तैयार किए गए वीडियो हैं।
30 सेकंड की रील से मोबाइल तक पहुंचने की कोशिश
राजनीतिक प्रचार का तरीका भी तेजी से बदल रहा है। अब रैलियों और प्रेस कॉन्फ्रेंस के साथ ही सोशल मीडिया पर छोटी वीडियो रील के जरिए मतदाताओं तक पहुंचने पर जोर दिया जा रहा है। भाजपा की ओर से जारी इन वीडियो के माध्यम से कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान को मनोरंजक अंदाज में पेश करने का प्रयास किया जा रहा है।
मैदान में यात्राएं, सोशल मीडिया पर AI की जंग
एक ओर कांग्रेस न्याय यात्रा और भूमि बचाओ अभियान के जरिए सरकार को घेरने में जुटी है, तो दूसरी ओर भाजपा लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा के माध्यम से कांग्रेस पर हमलावर है। अब सोशल मीडिया पर AI वीडियो की इस सीरीज ने सियासी मुकाबले का एक नया डिजिटल मोर्चा भी खोल दिया है। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड की राजनीति में जमीन के साथ-साथ मोबाइल स्क्रीन पर भी राजनीतिक नैरेटिव की लड़ाई तेज होती दिखाई दे रही है।